अक्षय का अर्थ पूर्णता से है, न तो वो मिटता है, न हटता है, न ही बिखरता है अर्थात पूर्ण फल प्राप्ति होती हैं। ऐसी तिथि वर्ष में केवल एक बार ही आती है। उसे अक्षय...
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किसी भी वर्ष का फल नव संवत्सर के दशाधिकारियों की स्थिति, वर्ष के चार स्तंभ, वर्ष लग्न प्रवेश आदि के आधार पर जाना जा सकता है। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद...
देश में दीपावली का विशेष महत्व है। इस सबसे बड़े त्योहार पर बाजारों में खूब खरीदारी होती है। इस बार दीपावली से पूर्व दो दिन पुष्य नक्षत्र होने के कारण जमकर...
नववर्ष के जैन पंचांग एवं कैलेंडर का विमोचन मुनिश्री विहसंत सागर महाराज के पावन सान्निध्य में हुआ। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन द्वारा संपादित संपूर्ण...
6 मार्च गुरुवार 10.50 बजे से होलाष्टक प्रारंभ हो जाएंगे। जो होली का दहन के साथ समाप्त हो जाएंगे। इसके साथ ही 14 मार्च शुक्रवार को मीन राशि में सूर्य शाम 6.49...
ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार, अष्टमी तिथि 10 अक्टूबर (गुरुवार) को दोपहर 12:31 बजे प्रारंभ होगी और 11 अक्टूबर (शुक्रवार) को दोपहर 12:06 बजे तक...
ग्वालियर के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन को दिल्ली ज्योतिष सम्मेलन में सम्मानित किया गया। आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज की प्रेरणा व आशीर्वाद से...
यूं तो हिंदू नववर्ष का आरम्भ ही चैत्र नवरात्रि से होता है। पूरे वर्ष में चार नवरात्रि ऋतुओं के बदलाव पर आते हैं। चैत्र माह शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से प्रारम्भ...
आद्रा नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से वर्षा ऋतु का आगाज हो जाता है। इस बार गर्मी अधिक पड़ी है तो सामान्य बात है वर्षा अच्छी होगी। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ...
ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन के अनुसार, चन्द्र ग्रह का धनिष्ठा,शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद तथा रेवती नक्षत्र में भ्रमण काल पंचक काल कहलाता है...








