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धर्म सभा में दिए प्रवचन : का आलंबन लेकर मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं – माताजी द्वय परीक्षाश्री एवं प्रेक्षाश्री

आर्यिका 105 परीक्षाश्री एवं 105 प्रेक्षाश्री माताजी को पांडू की ओर प्रस्थान करवाया है, जो अभी महती धर्मप्रभावना करती हुईं पांडू में विराजमान हैं। सरल‌ स्वभावी...

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श्री जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव : 26 जनवरी 2024 से 31 जनवरी से होगा आयोजित

परम पूज्य 108 श्री प्रमुख सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में पूर्वोत्तर की सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा अधिकृत श्री दिगम्बर जैन पंचायत, गुवाहाटी के तत्वावधान...

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आचार्य श्री प्रमुख सागर जी महाराज ससंघ का रहेगा सानिध्य : कलश स्थापन पूजा के साथ बच्चों को किया जाएगा संस्कारित

दिगम्बराचार्य 108 श्री प्रमुख सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास असम प्रांत के गुवाहाटी नगर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों को संजोए बड़े ही हर्षोल्लास के साथ चल...

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भगवान महावीर धर्म स्थल में कल्याण मंदिर स्रोत विधान का आयोजन : मित्र स्वार्थी नहीं, निस्वार्थी और सच्चा होना चाहिए- आचार्य श्री प्रमुख सागर

आचार्य श्री प्रमुख सागर‌ महाराज ससंघ के सान्निध्य में रविवार को मैत्री दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वांचल की धरा पर प्रथम बार 108 पुरुषों द्वारा आचार्य श्री ससंघ...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : जो लोग कान के कच्चे होते हैं वह लोग आगम के अच्छे शुत्र को छोड़ देते हैं- आचार्य श्री प्रमुख सागर

चार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि संसार में सबके पास कान हैं। कान से सुनते सब हैं परन्तु कान की बात पर ध्यान नहीं देते हैं। जो लोग कान के कच्चे होते हैं...

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धर्मसभा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रहे मौजूद : अच्छी संगति से व्यक्तित्व निखर जाता है- आचार्य प्रमुख सागर महाराज

आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज का 50वां स्वर्ण जयंती महोत्सव ससंघ के पावन सानिध्य में रविवार को भगवान महावीर धर्मस्थल में उत्साह पूर्वक बनाया गया। इस अवसर पर...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : दूसरे की उन्नति को देखकर जलना नहीं, सीखना चाहिए – आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज

दूसरे की उन्नति को देखकर जलना नहीं चाहिये जबकि उसकी उन्नति का क्या कारण है, इसे देखकर उससे सीखना चाहिये और अपनी अवनति के कारण को भी देखना चाहिये। कई बार कारण...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : लक्ष्मी का नहीं सरस्वती का उपासक बनो – आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज

आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति धन से महान होता है या धन के त्याग से महान होता है। अर्थ जीवन को व्यर्थ भी कर सकता है और अर्थ जीवन को समर्थ भी...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : हमारा भारत कर्म प्रधान देश है – अचार्य प्रमुख सागर महाराज

 कर्म गहन विधान पूजन हमारे जीवन को महान बनाता है। हमारे जीवन में 148 कर्म की प्रकृतियां हैं, वही हमारे शरीर का निर्माण करती हैं, वही हमें सुख- दुख और चारों...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है- आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज

आचार्य श्री प्रमुख सागर महाराज अपने चातुर्मासिक प्रवास के दौरान श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम किसी से ईर्ष्या करते हैं, किसी का बुरा सोचते हैं, तो...

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