Tag - Acharya Vardhman Sagar

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आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में प्रथमाचार्य श्री वीर सागर जी का 68वां अंतर विलय समाधि वर्ष विशेष पूजन : हेय और उपादेय के विवेक से जीवन निर्माण की शिक्षा आचार्य श्री ने दी

टोंक नगर की धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रथमाचार्य श्री वीर सागर जी के 68वें समाधि वर्ष पर विशेष पूजन एवं गुणानुवाद के अवसर पर प्रवचन दिया।...

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देव, शास्त्र, तीर्थ और गुरु से पहले क्षमा याचना करें : क्षमा मांगना सरल है किंतु क्षमा करना कठिन : आचार्य वर्धमान सागर जी

क्षमावाणी पर्व पर आचार्य वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में बताया कि क्षमा मांगना सरल है लेकिन क्षमा करना कठिन है। उन्होंने शांतिसागर जी महाराज का उदाहरण देते हुए...

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देव, शास्त्र, तीर्थ और गुरु से पहले क्षमा याचना करें : क्षमा मांगना सरल है किंतु क्षमा करना कठिन : आचार्य वर्धमान सागर जी

क्षमावाणी पर्व पर आचार्य वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में बताया कि क्षमा मांगना सरल है लेकिन क्षमा करना कठिन है। उन्होंने शांतिसागर जी महाराज का उदाहरण देते हुए...

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तीर्थंकर पद भी संयम धारण किए बिना संभव नहीं, मंगल देशना : आत्मा की उन्नति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति जरूरी – आचार्य वर्धमान सागर

दसलक्षण पर्व के छठे दिन आचार्य वर्धमान सागर जी ने कहा कि आत्मा की उन्नति और तीर्थंकर पद की प्राप्ति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति अत्यंत आवश्यक है। संयम जीवन का...

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सनावद में धूमधाम से मनाया गया नगर गौरव आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज का 76वां वर्षवर्धन : भव्य अभिषेक, प्रवचन और 76 दीपों से आरती के साथ नगर में गूँजा भक्ति का स्वर

सनावद नगर में आज पर्युषण पर्व के तृतीय दिवस पर नगर गौरव आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज का 76वां वर्षवर्धन दिवस धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया गया। इस...

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संत समागम से जीवन निर्मल और धर्म का मार्ग प्राप्त होता है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म और स्वाध्याय का महत्व समझाया

धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने संत समागम, स्वाध्याय, अभिषेक पूजन और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जीवन निर्मल होने, सम्यक दर्शन प्राप्त...

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प्रथमाचार्य शांतिसागर जी की परंपरा पर आधारित संगोष्ठी में आचार्य श्री ने दिया समाज एकता का संदेश : आगम साधु के नेत्र, समाज को धर्म के लिए संगठित होना अनिवार्य – आचार्य वर्धमान सागर जी

आचार्य वर्धमान सागर जी ने टोंक चातुर्मास प्रवचन में कहा कि साधु का जीवन आगम अनुसार होना चाहिए। समाज को संगठित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रथमाचार्य...

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आत्मा का वास्तविक घर सिद्धालय सात राजू ऊपर स्थित है : विनयसंपन्नता भावना मोक्ष का द्वार है – आचार्य श्री की मंगल देशना

टोंक में सोलहकारण भावना पर्व के अंतर्गत आज दूसरी विनयसंपन्नता भावना का दिवस मनाया गया। आचार्य वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में विनय को मोक्ष का द्वार बताते हुए...

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वात्सल्य पूर्णिमा पर टोंक में श्रेयांशनाथ भगवान को निर्वाण मोदक अर्पित, आचार्य की पिच्छिका पर राखी बांधी : धर्म, धर्मात्मा और जिनालयों की रक्षा का संकल्प लेकर मनाई गई वात्सल्य पूर्णिमा

टोंक में आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में वात्सल्य पूर्णिमा एवं श्रेयांशनाथ भगवान के निर्वाण कल्याणक का आयोजन हुआ। निर्वाण मोदक अर्पित किए गए, 700...

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मुनि श्री के सानिध्य में मंत्र जप के साथ संपन्न हुआ ज्याप अनुष्ठान : आचार्य वर्धमान सागर के ध्यान का किया स्मरण, भक्तों ने दी 108 आहुति

सनावद में मुनि श्री विश्व सूर्य सागर और साध्य सागर जी महाराज के सानिध्य में ज्याप अनुष्ठान का आयोजन हुआ, जिसमें समाजजनों ने आहुति अर्पित कर आत्मशुद्धि का मार्ग...

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