Tag - Acharya Shri Vardhaman Sagar Ji Maharaj श्रीफल जैन न्यूज

समाचार

धर्म को आत्मा में धारण करें, मोक्ष का सुख ही शाश्वत होता है- मुनि अपूर्व सागर जी महाराज     ‘धर्म वह फैक्ट्री है जिसमें सच्चे सुख का उत्पादन होता’   

वात्सल्य वारीधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री अपूर्व सागर जी महाराज ने कहा कि वीतराग धर्म, आत्मधर्म, केवली भगवान द्वारा कहा गया धर्म...

संत परिचय

संत परिचय-6 : आज पढ़िए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर...

You cannot copy content of this page