सही समय पर किया गया सही कार्य ही प्रशंसनीय और सराहनीय होता है। किसी भी अनुष्ठान को करते समय मन की विशुद्धि अत्यंत आवश्यक है। यदि मन शुद्ध होगा, तो कार्य की...
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आचार्यश्री निर्भयसागरजी महाराज ने श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर मुरैना में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने न केवल अपनी आत्मा...
भावना भाव नासनी होती है। विचार विचार को पैदा करते हैं, मधुर वाणी मधुर वाणी को पैदा करती है,आचरण आचरण को पैदा करता है,पैसा पैसे को पैदा करता है। इसलिए हमेशा...
आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ का 16 फरवरी को आगरा के कमलानगर स्थित श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर से प्रातः 7:00 बजे मंगल विहार कर श्री नेमिनाथ दिगंबर...








