धरियावद स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन क्षुल्लक 105 श्री महोदय सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को अहंकार और वहम से दूर रहने...
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मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने मोक्ष सप्तमी पर प्रवचन में कहा कि मुकुट सप्तमी वह दिन है जब भगवान पार्श्वनाथ ने अपने संकल्प, तपस्या और अडिग विश्वास से...
मानव जीवन दुर्लभ चिंता मणि रत्न के समान है। बड़े भाग्य से नर तन पाया मनुष्य कुल पर्याय मिली। श्री जिनवर के दर्शन करने जिनवाणी की राह मिली। मानव जीवन का प्रत्येक...








