Tag - समवशरण

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भगवान राग और द्वेष से रहित वीतरागी हितोपदेशी होते हैं : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में दी देशना

रत्न स्वर्ण के समवशरण में विराजित भगवान के पुण्य प्रताप से पाषाण के मान स्तंभ को देखकर मान-अभिमान गलित नष्ट हो जाता है। यह धर्म देशना संघ सहित विराजित आचार्य...

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बुद्धि को निर्मल बना धर्म आलंबन से होती है सुख की प्राप्ति: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने दी जहाजपुर में धर्म देशना

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी जहाजपुर में 36 साधुओं सहित विराजित है। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया 27 जून को 36 वां आचार्य पदारोहण भक्ति भाव पूर्वक मनाया जाएगा। गुरुवार को...

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पंच बालयति मंदिर में श्रुत आराधना महोत्सव आरंभ: एक जून तक चलेगा धार्मिक आराधना का दौर

इंदौर के विजयनगर स्थित पंचबालयति मंदिर में श्रुत आराधना महोत्सव का आयोजन शुरू किया गया है। इसमें बाल ब्रह्मचारी संजीव भैया कटंगी विधानाचार्य की भूमिका निभा रहे...

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गणधरों ने अपनी स्मरण शक्ति से शास्त्रों की रचना की: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने जावद में दी मंगल देशना 

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने जावद में विराजित रहकर मंगल देशना दी है। इसमें धर्म, ग्रंथ और ज्ञान का महत्व बताया। देव शास्त्र और गुरु की महिमा का बखान किया है।...

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प्रथम आर्यिका चंदनबाला की भक्ति और वैराग्य पर आधारित नाटक का मंचन: रंगशाला इंदौर के कलाकारों ने जीवंतता के साथ प्रस्तुत किया नाटक 

श्री महावीर जन्म कल्याणक महा महोत्सव के पावन अवसर पर जैन पुराणों के अनुसार भगवान महावीर के समवशरण की प्रथम आर्यिका चंदनबाला के भक्तिमय जीवन पर आधारित महा नाट्य...

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आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज का पट्टाचार्य महोत्सव 27 अप्रैल से: 450 पिच्छी की उपस्थिति में होगा यह महोत्सव

इंदौर के इतिहास में पहली बार विशाल पट्टाचार्य महोत्सव होने जा रहा है। 27 अप्रैल से आरंभ होकर यह पांच दिवसीय कार्यक्रम 2 मई को पूर्ण होगा। इसमें देशभर के करीब...

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पंचकल्याणक महोत्सव-समवशरण की दिव्य ध्वनि सुन हर्षित हुए धर्मावलम्बीः पाषाण को भगवान बनाने हेतू सूर्य मंत्र आवश्यक-वसुनंदी महाराज 

सिहोनिया में पंचकल्याणक महामहोत्सव में रविवार को तीर्थंकर महामुनिराज आदिनाथ भगवान की प्रथम आहारचर्या हुई। समवशरण रचना की दिव्य ध्वनि सुनकर धर्मावलम्बी हर्षित...

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श्री शांतिसागरजी ने जिनवाणी को ताम्र-पत्र पर अंकित कराने की प्रेरणा दीः पारसोला प्रथम नगर जहां आचार्यश्री शांतिसागरजी की दो प्रतिमाएं विराजित

वात्सल्य वारिधि आचार्यश्री वर्धमान सागरजी 33 साधु सहित पारसोला में विराजित है। पारसोला दिगंबर जैन समाज अनन्य गुरुभक्त समाज है, जिन्होंने किए संकल्प वचन का...

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जिनशासन अभिछिन्न एवं सुरक्षित रहे यह हम सबकी जवाबदारी-मुनिश्री प्रमाण सागरजीः तीसरे बच्चे पर 8वी कक्षा तक शिक्षा निःशुल्क

मुनिश्री ने समाज को एकरूपता में पिरोने का आशीर्वाद देते हुए समाज से स्वयं आगे आकर समाज के लिए सेवा देने के लिए संघ से स्व-प्रेरणा से जुड़ने का आव्हान किया। उक्त...

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आचार्य पुलक सागर जी की प्रेरणा से बनेगा : समवशरण निर्माण के बैनर का विमोचन

 भारत गौरव राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य आचार्य पुलक सागर जी गुरुदेव की प्रेरणा से समवशरण का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। गुरुकुल ट्रस्ट के महामंत्री सुंदरलाल भाणावत...

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