Tag - दिगंबर साधु

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आचार्य श्री विहर्ष सागर महाराज की धर्मसभा : आप स्वयं भगवान हो, अपने आप को जानो पहचानो 

शेर अगर जंगल में रहता है तो राजा कहलाता है और यदि पिंजरे में रहता है, तो गुलाम हो जाता है और जो रिंग मास्टर के इशारे अनुसार ही कार्य करता है। ऐसे ही मानव जब घर...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : सुबह उठकर सच्चे मन से छुएं अपने माता-पिता के चरण

श्री पार्श्वनाथ जैन मन्दिर, जैन भवन छीपीटोला में विराजमान आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम् प्रिय शिष्य परम पूज्य मुनि श्री 108 योग्य सागर जी महाराज...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : दूसरों की पीड़ा पर आंसू बहें तो वे मोती हैं-सुधा सागर महाराज

श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य शांतिसागर सभागार में मुनिपुगंव श्री सुधा सागर जी महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कषाय करना, क्रोध किसके...

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मुनिश्री प्रतीकसागर ने श्रावकों को संगठित होने का दिया आदेश : दिगम्बर संत जन-जन की आस्था के केंद्र होते हैं -आचार्य विनिश्चयसागर

शास्त्रों में भी अनेकों उदाहरण मिलते हैं कि समय-समय पर अन्य संप्रदाय के लोगों ने भी दिगम्बर साधुओं की सुरक्षा की है। आज भारत जैसे धर्म निरपेक्ष देश में एक...

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पत्रिका का विमोचन पूज्य आचार्य श्री के समक्ष हुआ : श्री सिद्ध चक्र महा मंडल विधान एवं विश्व शान्ति महायज्ञ का आयोजन 21 से

परम पूज्य आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से श्री सिद्ध चक्र महा मंडल विधान एवं विश्व शान्ति महायज्ञ का आयोजन आगामी 21 जुलाई से 25 जुलाई...

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भक्तामर स्त्रोत का पाठ प्रारंभ : बड़ी संख्या में उपस्थित रहे जैन समाज के लोग

पारसनाथ दिगंबर जैन नया मंदिर जी में बुधवार को धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री विनत सागर जी महाराज ने कहा कि भक्तामर स्त्रोतभक्ति का स्त्रोत है। भक्तामर...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में उपाध्याय श्री विहसंतसागर ने दिए प्रवचन : कर्नाटक में जैन मुनि की हत्या के विरोध में जुलूस निकालकर दिया ज्ञापन

सरे काल में 14 कुलकर, 10 कल्पवृक्ष होते हैं और प्रथम के तीन काल भोगभूमि के काल होते हैं। जो भी इस चतुर्थ व पंचम काल में आश्चर्यजनक घटना हुई है, वह सब होंण्डा...

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आर्यिकारत्न विज्ञानमति माताजी ने धर्मसभा को किया संबोधित : वर्षा काल में, हम अत्यधिक सावधानी रखें ताकि हम हिंसा पाप से बच सकें

आर्यिकारत्न विज्ञानमति माताजी ने धर्मसभा में श्रावकजन को संबोधित करते हुए कहा कि समरंभ, समारंभ, आरम्भ हिंसादि से युक्त कोई भी कार्य करने के लिए प्रयत्नशील...

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आचार्य श्री सुनील सागर महाराज की धर्मसभा : पद-पंथ छोड़ो और धर्म समाज व साधु के साथ खड़े हो जाओ

चल-अचल जैन तीर्थों पर हमले, पद-पंथ छोड़ो, पथ को जोड़ो, एकजुट होकर-अकड़ छोड़ो। आज एक व्यक्तित्व पर नहीं, दिगंबर संत के पिच्छी-कमंडल पर आक्रमण हुआ है। नेता लोग...

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स्मृति नगर स्थित श्री 1008 मुनिसुव्रत नाथ दिगम्बर जैन मंदिर में बारह भावना पर प्रवचन : जीवन में जो भी मिले, उसे मात्र अपना सहयोगी मानें – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने बारह भावना प्रवचन श्रृंखला में पांचवे दिन धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य का जन्म- मरण अकेले ही होता है और अपने...

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