Tag - जैन धर्म

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दशलक्षण पर्व में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने कपट और छल से बचने का मार्ग दिखाया : आर्जव धर्म और सरल स्वभाव के महत्व पर आचार्य श्री का मंगल प्रवचन

रामगंजमंडी में दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि कपट और छल का कोई भी कल्याण नहीं होता। सरल स्वभाव...

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बड़वानी में आर्यिका विकुंदन श्री के सानिध्य में पर्यूषण पर्व की धूम – आर्जव धर्म पर विशेष उपदेश : दस लक्षण पर्व पर सरलता और मन वचन काय के मेल से आर्जव धर्म का महत्व समझाया

बड़वानी में 30 सितंबर भद्र शुक्ल सप्तमी को पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। आर्यिका विकुंदन श्री माताजी ने धर्म सभा में आर्जव...

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पर्युषण पर्व के तीसरे दिन परेड मंदिर में उत्तम आर्जव धर्म का पालन किया : कपट त्याग और सरलता की राह दिखाता है उत्तम आर्जव धर्म

जैन समाज के सबसे महत्वपूर्ण पर्व पर्युषण के तीसरे दिन परेड मंदिर में सामूहिक पूजा-अर्चना के साथ उत्तम आर्जव धर्म का पालन किया गया। यह धर्म हमें कपट त्यागने और...

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सनावद में धूमधाम से मनाया गया नगर गौरव आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज का 76वां वर्षवर्धन : भव्य अभिषेक, प्रवचन और 76 दीपों से आरती के साथ नगर में गूँजा भक्ति का स्वर

सनावद नगर में आज पर्युषण पर्व के तृतीय दिवस पर नगर गौरव आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज का 76वां वर्षवर्धन दिवस धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया गया। इस...

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सहारनपुर में दसलक्षण महापर्व पर उत्तम शौच धर्म की प्रभावना, संतोष में है जीवन का वास्तविक सुख : उत्तम आर्जव धर्म मानव दुःखी है पदार्थ से नहीं, लोभ से – आचार्य श्री विमर्शसागर

सहारनपुर में दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत भावलिंगी संत दिगंबराचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज ने उत्तम शौच धर्म की महत्ता समझाते हुए कहा कि मनुष्य दुःखी पदार्थ...

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आचार्य श्री का 76वां अवतरण दिवस दशलक्षण पर्व के तृतीय उत्तम आर्जव दिवस पर भक्ति पूर्वक मनाया : मन, वचन, काय की कुटिलता का परित्याग कर सरल निष्कपट भाव धारण करना ही उत्तम आर्जव धर्म – आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 76वां अवतरण दिवस दशलक्षण पर्व के तृतीय उत्तम आर्जव दिवस पर भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रवचनों, पूजन, महाआरती...

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झुमरी तिलैया जैन समाज ने दसलक्षण महापर्व के तीसरे दिन मनाया उत्तम आर्जव धर्म :  विदुषी डॉ. निर्मला सांघी ने प्रवचन में कहा – “मायाचारी छोड़ें, सरलता और ऋजुता अपनाएँ”

झुमरी तिलैया में दसलक्षण महापर्व का तीसरा दिन उत्साहपूर्वक उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर दोनों जैन मंदिरों में अभिषेक, शांति धारा, संगीतमय...

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उत्तम मार्दव धर्म की आराधना के साथ पर्युषण पर्व का दूसरा दिन संपन्न ; अंबाह में श्रावक-श्राविकाओं ने सुनी विनम्रता और अहंकार त्याग का संदेश

अंबाह में पर्युषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की आराधना हुई। विद्वानों ने अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने का संदेश दिया। पंडित आयुष शास्त्री के प्रवचनों...

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पर्यूषण पर्व पर जैन मंदिरों में धार्मिक प्रतियोगिताओं को लेकर उत्साह : जीवन में अहंकार नहीं, सरलता जरूरी – आचार्य निर्भयसागर

ललितपुर में चल रहे पर्युषण पर्व के अवसर पर जैन मंदिरों में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। आचार्य निर्भयसागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि जीवन में अहंकार नहीं...

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जब मृदुता आती है तभी प्रकट होता है उत्तम मार्दव धर्म – दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन : ऐसी पाठशाला होनी चाहिए जिसमें झुकना सिखाया जाए – आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा और आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज के मंगल प्रवचन के साथ मनाया गया। आचार्य श्री ने कहा कि...

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