Tag - जैन दर्शन

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दशलक्षण पर्व के सप्तम दिन उत्तम तप धर्म की महिमा पर प्रवचन : इच्छाओं को रोकना ही सच्चा तप है – आचार्य विनिश्चय सागर जी महाराज

रामगंजमंडी में दशलक्षण पर्व के सप्तम दिन परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज ने उत्तम तप धर्म की महिमा पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि इच्छाओं को...

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प्रतिक्रमण से पापों का क्षय होता है, आत्मा आध्यात्मिक मार्ग पर बनी रहती है : प्रत्येक श्रावक को प्रतिदिन प्रतिक्रमण करना चाहिए – अनूप भंडारी

मुरैना में पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के परम भक्त श्रावक श्रेष्ठी अनूप भंडारी ने प्रतिक्रमण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रतिक्रमण कर्मों के...

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दशलक्षण महापर्व का सातवाँ दिन – उत्तम तप का संदेश : आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज का प्रवचन

तरुणसागरम तीर्थ, कोडरमा में दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन परम पूज्य आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी महामुनिराज ने उपस्थित गुरु-भक्तों को उत्तम तप धर्म का संदेश...

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अनन्त चतुर्दशी पर हर घर से भेजी जाएगी पूजन की थाली : संत महापुरुष तपोबल से ही प्राप्त करते हैं सिद्धत्व – मुनिश्री विलोक सागर

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोक सागरजी ने प्रवचन में कहा कि इच्छाओं पर नियंत्रण और आत्म संयम ही उत्तम तप धर्म है। पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन अनंत...

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पत्तों पर साधना का सृजन – मुनिश्री शुद्धात्मसागर जी की लीफ आर्ट प्रदर्शनी : इंदौर में 5 सितम्बर तक चलेगी लीफ आर्ट एग्जिबिशन

इंदौर में साधना और सृजन का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मुनिश्री 108 शुद्धात्मसागर जी महाराज की लीफ आर्ट प्रदर्शनी 5 सितम्बर तक आयोजित की जा रही है। यह कला...

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तीर्थंकर पद भी संयम धारण किए बिना संभव नहीं, मंगल देशना : आत्मा की उन्नति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति जरूरी – आचार्य वर्धमान सागर

दसलक्षण पर्व के छठे दिन आचार्य वर्धमान सागर जी ने कहा कि आत्मा की उन्नति और तीर्थंकर पद की प्राप्ति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति अत्यंत आवश्यक है। संयम जीवन का...

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संयम बंधन नहीं, अभिनंदन का दिन है : संयम के बिना जीवन गाड़ी बिना ब्रेक की तरह – क्षुल्लक जी का संदेश

धरियावद में पर्यूषण पर्व के छठे दिन क्षुल्लक महोदय सागर जी महाराज ने कहा कि संयम बंधन नहीं, बल्कि अभिनंदन का दिन है। संयम जीवन का ब्रेक है, जिसके बिना मनुष्य...

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सुगंध दशमी पर जैन मंदिरों में धूप विसर्जन, झांकियों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों से छाया भक्ति माहौल : संयम की आराधना ही जीवन की श्रेष्ठ साधना – आचार्य श्री निर्भय सागर जी

ललितपुर में पर्युषण पर्व पर आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने कहा कि संयम साधना से ही जीवन में शांति और आनंद का अनुभव होता है। सुगंध दशमी पर नगर के जैन...

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भगवान पुष्पदंत मोक्ष कल्याणक पर श्रावकों ने अर्पित किया निर्वाण लाडू : जीवन में मन की पवित्रता ही कल्याणकारी है – आचार्य निर्भय सागर

ललितपुर में चल रहे महापर्व पर्युषण के दौरान आचार्य निर्भयसागर महाराज ने शौच धर्म पर प्रवचन देते हुए कहा कि जीवन की सच्ची पवित्रता मन की शुचिता से आती है। भगवान...

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कषायों से आत्मा मलिन होती है, धर्म आराधना से ही दूर हो सकती है : सत्य धर्म आत्मा के हित में है – आचार्य वर्धमान सागर जी

दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में सत्य धर्म की गहन विवेचना करते हुए कहा कि वचन ही सत्य है और आत्मा ही वास्तविक सत्य है।...

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