Tag - आर्यिका विभाश्री माताजी

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कोटा में आर्यिका विभाश्री माताजी वर्षायोग चातुर्मास कलश स्थापना : समारोह श्रद्धा भक्ति समर्पण के संपन्न

श्री दिगंबर जैन मंदिर विज्ञान नगर में आर्यिका विभाश्री माताजी के पावन वर्षायोग 2025 के लिए चातुर्मास कलश स्थापना का भव्य आयोजन दृढ़ भक्ति समर्पण के साथ किया...

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इंदौर में ऐलक विपिन सागर बने मुनि विपिन सागर : ३५ मुनिराज और ३५ आर्यिकाओं के सानिध्य में हुआ ऐतिहासिक दीक्षा महोत्सव

इंदौर के बड़ा गणपति स्थित नसिया पर आज भव्य जैनेश्वरी मुनि दीक्षा का आयोजन सम्पन्न हुआ। ऐलक श्री विपिन सागरजी ने मुनि दीक्षा धारण कर मुनि विपिन सागर नाम प्राप्त...

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निर्वाण कल्याणक महोत्सव मनाया : त्याग और तपस्या का त्योहार है दीपावली – आर्यिका श्री विभाश्री माताजी

वासुपूज्य जिनालय में आर्यिका श्री विभाश्री माताजी ने कहा कि बाहर की साफ सफाई के साथ अन्दर की सफाई का प्रयास इस दिन होना चाहिये, तभी दीपावली पर्व मनाने की...

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जिनसहस्रनाम के मंत्रों से शांतिधारा और सिद्धों की आराधना : हमेशा अपने पुण्य की लकीर को बड़ा करो – आर्यिका विभाश्री

गणिनी आर्यिका विभा श्री माता जी के सानिध्य में प्रातः काल जिनसहस्रनाम के मंत्रों से शांतिधारा और सिद्धों की आराधना की गई। इस अवसर पर मंत्रोच्चार द्वारा सातवें...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : धर्म तत्त्व को जीवन में अंगीकार करने से ही उन्नति का मार्ग मिलता है- आर्यिका विभाश्री

गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि हमारे परिणामों में इतनी शांति होनी चाहिये कि कितना भी क्रोधी व्यक्ति हमारे आभामण्डल में आ जाये तो वह भी...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : किसी के उपकार को मानना हमारे बड़प्पन का द्योतक है – आर्यिका विभाश्री 

 आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि जब कोई किसी के उपकार को मानता है तो वो जीवन में बहुत ऊचाइयों को प्राप्त कर लेता है, चाहे वह गुरुओं का उपकार...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : कर्तव्यों का सम्यक निवर्हन ही सच्चा धर्म है- आर्यिका विभाश्री

श्री दिगम्बर जैन वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में जैन संत गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि कर्तव्यों का पालन करने से धर्म का निर्वाह...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : संसार में भगवान की भक्ति से बढ़कर कोई दूसरी कल्याणकारी वस्तु नहीं है – आर्यिका विभाश्री

वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि गुरु की आराधना, संतों की संगति, जिनवाणी का श्रवण, हमारे जीवन की दशा और...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : इच्छा और तृष्णा से बचने की एक मात्र औषधि है संतोष – आर्यिका विभाश्री

वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि छोटे को देखकर जिओ क्योंकि छोटे को देखकर जीवन में सुख और शांति बनी रहेगी...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : महत्वाकांक्षा की कीमत पर मनुष्यता सदैव हारी है – आर्यिका विभाश्री

वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि आज के समय में हर व्यक्ति दुःख से ग्रसित है और उसके दुःख का कारण उसकी...

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