Tag - आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज

समाचार

मुनिश्री पुण्य सागर जी महाराज का 2 जून को होगा मंगल विहार रमता योगी और बहता पानी रोकने पर भी नही रुकते  

प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजीत सागर जी महाराज के...

समाचार

साधु के जन्म और समाधि का मनाया जाता है मंगल महोत्सव मनुष्य जीवन की सार्थकता होती है संयम धारण करने से 

महापुरुषों और महान आत्माओं का जीवन और समाधिमरण मंगलकारी होता है आज के दिन आचार्य श्री वीर सागर जी से दीक्षित हमारे शिक्षा गुरु आचार्य कल्प श्री श्रुतसागर जी...

समाचार

आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज की जन्मस्थली सनावद से 18 वी दीक्षार्थी होगी प्रतिमा धारी मधु दीदी 22 जुलाई को गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी के कर कमलो से अयोध्या में लेगी दीक्षा 

प्रतिमा धारी मधु दीदी सनावद 22 जुलाई को आर्यिका दीक्षा अयोध्या जी में ग्रहण करेंगी। सनावद जिला खरगोन मध्य प्रदेशसिद्ध क्षेत्र सिद्धवरकूट, सिद्धक्षेत्र पावागिरी...

समाचार

मन, वाणी, शरीर से अहिंसा का पालन करने पर महावीर जयंती मनाना होगा सार्थक - आचार्य श्री वर्धमान सागर जी: उत्साह और भक्तिपूर्ण मनाई गई महावीर जयंती

सकल जैन समाज और पुलक चेतना मंच के संयोजन में महावीर स्वामी का 2550 वीं जन्म जयंती श्रद्धा विश्वास भक्ति उत्साह पूर्वक पंचम पट्टाधीश दिगंबर जैन आचार्य श्री...

समाचार

दूसरे के दुख को अपना समझकर दूर करना ही दया – मुनि अपूर्व सागर दया से बड़ा कोई धर्म नहीं

वात्सल्य वारीधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज ने कहा कि धर्म का मूल दया है। वीतराग धर्म के अलावा संसार में अन्य...

समाचार

धर्म के बिना कोई भी आत्मा सुखी नहीं - मुनि अपूर्व सागर पंच परमेष्ठी के मन में रहता है धर्म 

अन्याय और अधर्म इस लोक के साथ ही परलोक में भी दुख देने वाले हैं।धर्म के बिना इंसान चलती फिरती लाश के समान है । धर्म को ज्ञानी लोगों ने संचय किया है। धर्म को...

समाचार

धर्म हमारा रक्षक है बाकी सब भक्षक – मुनि अपूर्व सागर: मुनिश्री ने धर्म के बताए 16 सुख

मुनि श्री अपूर्व सागर ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन धर्म, वीतराग धर्म, सुख की खान है। यह सभी का हित करने वाला होता...

समाचार

धर्म के सिवाय कोई मित्र नहीं– मुनि अपूर्व सागर  मुनिश्री ने धर्म के बताए 16 सुख

मुनि श्री अपूर्व सागर ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन धर्म, वीतराग धर्म, सुख की खान है। यह सभी का हित करने वाला होता...

समाचार

धर्म को धारण कर मनुष्य जीवन को सार्थक करने का करें पुरुषार्थ -आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला धर्म प्राप्त करने से आत्मा के कल्याण का मार्ग होता है प्रशस्त

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सन्मति भवन पारसोला में विराजित है।आज की धर्म सभा में आचार्य श्री ने बताया कि समाज के बार-बार निवेदन गुरु भक्ति से...

समाचार

मनाया गया भगवान आदिनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का वर्ष 2024 का चातुर्मास पारसोला में होगा

 हमें सन 1990 में आचार्य पद इसी पारसोला नगर में मिला है। यहां के समाज में देव, शास्त्र, गुरु, धर्म के प्रति बहुत भक्ति भाव श्रद्धा है। पारसोला समाज ने धर्म...

You cannot copy content of this page