Tag - अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

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दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम संयम धर्म के बारे में : स्वयं पर नियंत्रण करना सिखाता है उत्तम संयम धर्म -मुनि पूज्य सागर महाराज

स्वयं पर पूरी तरह नियंत्रण करना भी संयम माना गया है। प्राणियों की हिंसा ना हो जाए और इन्द्रियों का दुरुपयोग ना हो जाए इस बात का ध्यान रखना भी संयम है। पढ़िए...

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दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम सत्य धर्म के बारे में : स्वयं की पहचान ही वास्तव में उत्तम सत्य धर्म है-मुनि पूज्य सागर महाराज

जैन धर्म में सत्य को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे सच्चाई और ईमानदारी के रूप में देखा जाता है। जैन ग्रंथों में सत्य को “सच्चा”...

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धर्म प्रभावना रथ के चौथे पड़ाव के ग्यारहवें दिन हर्षोल्लास के साथ हुई धर्म प्रभावना : जीवन में फैली मलीनता को दूर करना ही उत्तम शौच धर्म है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज  

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के चौथे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर बड़े ही हर्षोल्लास के...

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दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम शौच धर्म के बारे में : मन की स्वच्छता के लिए जरूरी है उत्तम शौच धर्म-मुनि पूज्य सागर महाराज

जीवन में साफगोई और स्‍वच्‍छता बडे़ मायने रखती है। स्वच्छता को ही जीवन में उतारने का भाव दर्शाता है दसलक्षण पर्व का चौथा दिन। यानी उत्तम शौच धर्म। जीवन में फैली...

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धर्म प्रभावना रथ के चौथे पड़ाव के दसवें दिन हर्षोल्लास के साथ हुई धर्म प्रभावना : मन, वचन और काय से सात्विक व्यक्ति के आचारण को आर्जव धर्म कहा है – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज  

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के चतुर्थ पड़ाव के दसवें दिन व पर्युषण पर्व के तीसरे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर...

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दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम आर्जव धर्म के बारे में : प्रसन्नता के रथ पर सवारी के लिए अपनाएं उत्तम आर्जव धर्म- मुनि पूज्य सागर महाराज

दसलक्षण पर्व का तीसरा दिन उत्तम आर्जव धर्म का दिन है। धार्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण से, आर्जव का मतलब है ईमानदारी, सच्चाई और स्पष्टता। यह गुण व्यक्ति के चरित्र...

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धर्म प्रभावना रथ के चौथे पड़ाव के नवें दिन हर्षोल्लास के साथ हुई धर्म प्रभावना : जब तक मान कषाय रहेगी, तब तक धर्म, धर्मात्मा, संस्कार, संस्कृति, सभ्यता का चीरहरण होता रहेगा – अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज  

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के चतुर्थ पड़ाव के नवें दिन व पर्युषण पर्व के दूसरे ले दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर...

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दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम मार्दव धर्म के बारे में : स्वयं को छोटा मानकर, सभी से मीठा बोलना ही मार्दव धर्म 

दसलक्षण पर्व का दूसरा दिन उत्तम मार्दव धर्म का दिन है। ध्यान डर के कारण, लोभ के कारण, राग के कारण या शक्ति नहीं होने के कारण करना मार्दवता नहीं है। सर्वगुण...

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धर्म प्रभावना रथ के चौथे पड़ाव के आठवें दिन हर्षोल्लास के साथ हुई धर्म प्रभावना : क्षमा गुण जिसके अंदर होता है, वही समाज, परिवार और देश में मान सम्मान को प्राप्त करता है- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज  

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के चतुर्थ पड़ाव के आठवें दिन व पर्युषण पर्व के पहले दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर...

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स्वयं संकल्प करें, औरों को भी दें प्रेरणा : प्रकृति के उत्थान से प्रारंभ हुआ शाश्वत पर्व है दसलक्षण पर्व

दसलक्षण पर्व त्रैकालिक शाश्वत पर्व है। यह पर्व न तो किसी व्यक्ति विशेष से और न ही किसी घटना विशेष से संबंधित है, बल्कि इसका संबंध तो आध्यात्मिक भावों से है। यह...

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