उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का तात्पर्य है संयम और आत्म-नियंत्रण के उच्चतम स्तर को प्राप्त करना। यह न केवल शारीरिक संयम को दर्शाता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संयम...
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अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के नौवे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर मुनि श्री ने धर्मसभा...
उत्तम आकिंचनता धर्म का अभ्यास व्यक्ति को आत्मिक संतुलन, शांति और जीवन की गहरी समझ की ओर ले जाता है। यह भौतिकता के पार जाकर एक अधिक स्थायी और आंतरिक सुकून की...
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के आठवे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर मुनि श्री ने धर्मसभा...
उत्तम त्याग धर्म का अभ्यास व्यक्ति की आंतरिक शांति और संतुलन को बढ़ावा देने के साथ-साथ उसके समाज और दुनिया में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यह त्याग के साथ...
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के सातवे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर मुनि श्री ने धर्मसभा...
उत्तम तप धर्म वह है जो हमें आत्मा की गहराई को समझने और जीवन के उच्चतम उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करता है। यह न केवल शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों को सहन...
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के छटवे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर मुनि श्री ने धर्मसभा...
दसलक्षण पर्व के दौरान बहुत से श्रावक-श्रावक व्रत या उपवास करते हैं। ऐसे में उपवास की पारणा सही विधि-विधान से करनी आवश्यक है। किसी व्रत या उपवास के दूसरे दिन...
स्वयं पर पूरी तरह नियंत्रण करना भी संयम माना गया है। प्राणियों की हिंसा ना हो जाए और इन्द्रियों का दुरुपयोग ना हो जाए इस बात का ध्यान रखना भी संयम है। पढ़िए...








