ललितपुर में आचार्य निर्भय सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए एकांत जरूरी है, साथ ही गृहस्थों को अपनी आय का कुछ हिस्सा दान में देना चाहिए। पढ़िए विस्तृत खबर…
ललितपुर। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में रविवार को आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने कहा कि जीवन में एकाग्रता बढ़ाने के लिए एकांत का सहारा लेना चाहिए, लेकिन अकेलेपन की भावना से बचना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से फिजिकल एक्टिविटी को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी ताकि तन और मन दोनों स्वस्थ रह सकें। संसार की विडंबनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जो लड़ते हैं वो पढ़ते नहीं, और जो पढ़ते हैं वो लड़ते नहीं। गृहस्थ जीवन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि त्याग-उपवास की जगह दान और पूजा गृहस्थ का धर्म होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गृहस्थ को अपनी कमाई का कम से कम 10% भाग दान में देना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण, पादप्रक्षालन व दीपप्रज्वलन से हुई, जिसे वीर व्यायामशाला के संजय जैन, संजीव जैन व विजय जैन ने सम्पन्न किया।
*इनकी रही उपस्थिति*
इस अवसर पर मुनि शिवदत्त सागर, सुदत्त सागर, भूदत्त सागर, पद्मदत्त सागर, वृषभदत्त सागर, शुल्लक चन्द्र सागर और श्रीदत्त सागर महाराज की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टड़या, महामंत्री आकाश जैन, मंदिर प्रबंधक अजय जैन गंगचारी, मनोज जैन बबीना, कैप्टन राजकुमार जैन, अक्षय अलया, शीलचंद अनौरा सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।













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