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रामगंजमंडी की श्रेया और धरा जैन ने सर्वाधिक अंक किए अर्जित: नगर और जैन समाज का बढ़ाया मान 


राजस्थान माध्यमिक शिक्षा के 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम गुरुवार को घोषित हुए। इसमें नगर की श्रेया और धरा जैन ने प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त कर रामगंजमंडी और जैन समाज का मान बढ़ाया है। दोनों बेटियों ने इसका श्रेय भगवान शांतिनाथ के आशीर्वाद और साधु-संतों की कृपा को दिया है। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर…


रामगंजमंडी। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गुरुवार को 12वीं बोर्ड के विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय का परिणाम घोषित किया। इससे आज यह साबित हो गया कि बेटियां किसी से कम नहीं है। जिसका उदाहरण आज आए परिणाम से परिलक्षित हो गया। जिसका उदाहरण बेटी श्रेया और धरा जैन ने बता दिया। इन दोनों बेटियों ने न सिर्फ नगर का नाम रोशन किया अपितु जैन जगत को भी गौरवान्वित किया। जैसे ही यह सूचना परिवार और समाज के लोगों को मिली। सभी में हर्ष व्याप्त हो गया। श्रेया जैन कोटा के दर्शन ज्ञान भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा है। श्रेया ने विज्ञान संकाय में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर रामगंजमंडी में प्रथम स्थान तो प्राप्त किया ही इसके साथ ही जिले में भी सर्वाधिक अंक प्राप्त किए। श्रेया ने नाम तो रोशन किया ही एवं माता-पिता को श्रेय दिलाते हुए संपूर्ण रामगंजमंडी को श्रेयस्कर बना दिया। परिवार में सूचना मिलने के बाद खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जमकर मिठाइयां बांटी गई। आपको बता दें अंजलि सोमेंद्र जैन की पुत्री ने ना सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में अपना परचम लहराया है अपितु विगत दो वर्ष पहले कराटे चौंपियनशिप में भी पदक हासिल कर नगर को गौरवान्वित कर चुकी हैं। वहीं पार्षद वर्षा जैन एवं उत्तम जैन की पुत्री धरा जैन ने भी रामगंजमंडी की धरा को गौरवान्वित कर दिया। धरा राजकीय गर्ल्स स्कूल रामगंजमंडी की छात्रा है। बिटिया ने वाणिज्य संकाय में 89 प्रतिशत प्राप्त किए। इन दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय मूलनायक शांतिनाथ भगवान एवं साधु संतों के आशीर्वाद को दिया। इन दोनों ने रामगंजमंडी में विगत वर्ष 2024 में हुए कार्यक्रम में पट्ट गणिनी आर्यिका 105 विमल प्रभा माताजी का भी मंगल आशीर्वाद लिया था।

शिक्षकों को इसका श्रेय देते हुए कहा कि जब कभी भी हमारा आत्मविश्वास डगमगाता है तो प्रभु शांतिनाथ को हम स्मृति में लाते और हमारा आत्मविश्वास पुनः अग्रसर हो जाता। निश्चित रूप से बेटा और बेटी एक समान की ज्योति पल्लवित रूप में परिलक्षित हुई है। श्रेया जैन का कहना है की मैं चिकित्सक बनकर नगर का नाम रोशन करना चाहती हूं एवं जन-जन की सेवा करना चाहती हूं। धरा जैन का कहना है कि मैं आगे और अध्ययन कर नगर का नाम रोशन करना चाहती हूं। शायद इससे अधिक रामगंजमंडी नगर एवं जैन समाज के लिए गौरव के पल क्या होंगे।

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