आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के परम प्रभावक शिष्य उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी के संघ के आशीर्वाद से 20 अप्रैल सोमवार को विभिन्न सेवा कार्य किए जाएंगे। कुचामनसिटी से पढ़िए, सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट…
कुचामन सिटी। सकल जैन समाज के सहयोग से श्री जैन वीर मंडल के तत्वावधान में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) के एक वर्ष 39 दिन के उपवास के बाद अक्षय तृतीया के दिन राजा श्रेयांस द्वारा आहार कराए जाने की स्मृति में यह दिवस तप, त्याग, संयम और दान के रूप में मनाया जाता है। सौभागमल गंगवाल एवं अशोक झांझरी के अनुसार आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के परम प्रभावक शिष्य उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी के संघ के आशीर्वाद से 20 अप्रैल सोमवार को विभिन्न सेवा कार्य किए जाएंगे। इस अवसर पर असहाय, लाचार एवं बीमार जरूरतमंदों को ‘अपना घर’ में 63 प्रभुजी को अल्पाहार, दोनों भोजन, मिठाई एवं दवाइयों के साथ ‘माधव सेवा’ की जाएगी। साथ ही संपर्क संस्थान के मूक-बधिरों बच्चों एवं अन्नपूर्णा रसोई में जरूरतमंदों को भोजन कराया जाएगा। गोसेवा के तहत कुचामन गोशाला, समरिया सागर बालाजी गोशाला एवं शाकंभरी माता गोशाला में हरा चारा (रीजका), गुड़ एवं पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही पक्षियों के लिए 100 किलो जवार दाना-पानी की व्यवस्था भी समाज के श्रावक-श्रेष्ठियों द्वारा की जाएगी। देवेंद्र पहाड़िया ने बताया कि इन सेवा कार्यों के पुण्यार्जक शांतिदेवी धर्मचंद छाबड़ा परिवार, नीलम अनिल बज परिवार, भानुकुमार अजित पांड्या परिवार, गोपालचंद अजित पहाडिया,पारसमल पंकज पहाड़िया परिवार तथा जीवदया सेवा समिति ट्रस्ट के कमलकुमार (पुत्र स्व. धर्मचंद पांड्या) परिवार के सहयोग से सभी पुरुष, महिलाएं एवं युवा मिलकर सेवा कार्य करेंगे।













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