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भगवान महीवार जन्मकल्याणक महोत्सव : अहिंसा के मुख्य विचार पर हुई संगोष्ठी

लातूर (महाराष्ट्र)। सकल जैन समाज लातूर की ओर से भगवान महावीर का 2622वां जन्म कल्याण महोत्सव बड़े उत्साह और वैचारिक भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पंचरंग प्रबोधिनी के संपादक और जैन साहित्य, भगवान महावीर के जीवन और विचारों के विद्वान डॉ. रावसाहेब पाटिल ने इसी विषय पर व्याख्यान दिया।

जैन इतिहास का नये संदर्भ में लेखन, सन्दर्भ प्रमाणों का संरक्षण, समन्वय, राजकीय दरबार का अभिलेखन जैन इतिहास एवं पुरातत्व, जैन चिंतन को जन-जन तक पहुंचाना, साहित्य एवं कला को प्रधानता देना, अहिंसा का मुख्य विचार, अपरिग्रह, अनेकांत, व्यावहारिक उपयोगिता जैसे विषयों पर उन्होंने प्रकाश डाला। इसके अलावा उन्होंने मानव जीवन और जीवन को सुरक्षित, निर्भीक और समृद्ध बनाने के लिए प्रचार-प्रसार, जैन विचार का अभ्यास करने जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर रोशनी डाली।

इस अवसर पर डॉ. पाटिल ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों से लातूर शहर और जैन समुदाय के गौरव में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया। इस समारोह के मंच पर उद्योगपति सुरेश जैन, प्रसिद्ध कर सलाहकार तेजमल बोरा, दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष महावीर उदगीरकर, वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश दगड़े, डॉ. पीपी शाह, डॉ. कुलभूषण कंडारकर आदि मौजूद थे।.

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