समाचार

दिगंबर जैन मंदिर में बिना दवा के हो रहा है असाध्य रोगों का उपचारः एक्यूप्रेशर, वाइब्रेशन, सुजोक थैरेपी के लिए आ रहे लोग


दिगंबर जैन सोशल ग्रुप की ओर से 6 दिवसीय एक्युप्रेशर, वाइब्रेशन और कंपिंग थैरेपी शिविर दिगंबर जैन मंदिर में चल रहा है। इसमें असाध्य रोगों का पुरानी चिकित्सा पद्धति से उपचार किया जा रहा है। इसमें न तो दवा दी जाती है और न ही किसी प्रकार की शल्य क्रिया करनी पड़ती। बस, शरीर के विशेष पाइंट पर दबाव से ही असाध्य रोग ठीक हो जाते है। शिविर में बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। शिविर का समापन एक फरवरी को होगा। पढ़िए अंबाह से अजय जैन की यह खबर…


अंबाह। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप की ओर से 6 दिवसीय एक्युप्रेशर, वाइब्रेशन और कंपिंग थैरेपी शिविर दिगंबर जैन मंदिर में लगाया गया है। इसमें एक्यूप्रेशर थैरेपिस्ट विशाल पाल इंदौर अपनी टीम के साथ मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसमें बिना दवा और चीरफाड़ के असाध्य रोगों का उपचार हो रहा है। श्री दिगंबर जैन सोशल ग्रुप की ओर से चिकित्सा शिविर में एक्यूप्रेशर, वाइब्रेशन और सुजोक थैरेपी से ब्लड प्रेशर, शुगर, सरवाइकल, पैरालिसिस जैसे 20 प्रकार के रोगों का उपचार किया जा रहा है। अब तक शिविर में 300 से भी ज्यादा रोगी परामर्श के लिए पहुंच चुके हैं। जिनमें से 100 रोगियों का उपचार चल रहा है। एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट रोगियों का उपचार कर रहे हैं। यह कैम्प 1 फरवरी तक जारी रहेगा। कैंप में सुबह और शाम दोनों समय रोगियों का उपचार होता है। इसमें लंबे समय से रोगों से जूझ रहे लोगों को लाभ भी मिल रहा है।

पुरानी चिकित्सा पद्धति उपचार में कारगर

एक्सपर्ट ने बताया एक्यूप्रेशर एक पुरानी चिकित्सा पद्धति है। जिसमें रोग के हिसाब से एक्यूप्रेशर पॉइंट पर क्लॉक वाइज और एंटी क्लॉक वाइज दबाव डाला जाता है। सही पॉइंट पर सही तरीके से डाला गया दबाव डिजीज में तुरंत आराम देता है। उन्होंने कहा कि हमारे शरीर में 1 हजार से भी ज्यादा एक्यूप्रेशर पॉइंट होते है। शिविर संयोजक विमल जैन भंडारी, अध्यक्ष अमित जैन टकसारी और महामंत्री कुलदीप जैन ने बताया कि इस चिकित्सा पद्धति से लोगों को रोगों में राहत तो मिलती है। साथ ही यह बहुत ही सस्ती होती है, जिसे हर वर्ग का आदमी अपना सकता है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
3
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page