नगर में जिन मंदिरों में भगवान महावीर का मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। श्री अजितनाथ बड़ा जैन मंदिर में सुबह से ही भक्तजनों का तांता लगा रहा। प्रातःकालीन बेला में भगवान जिनेन्द्र का अभिषेक -पूजन किया गया।पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट…
महरौनी (ललितपुर)। भगवान महावीर स्वामी का 2550 वां निर्वाणोत्सव श्रद्धा पूर्वक धूमधाम से मनाया जा रहा है। भगवान महावीर जैन धर्म के वर्तमानकालीन 24वें तीर्थंकर हैं। महावीर स्वामी ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण अर्थात् मोक्ष प्राप्त किया था। जैन परंपरा में दीपावली, महावीर स्वामी के निर्वाण दिवस के रूप में मनाई जाती है। जहां कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन भगवान महावीर ने मोक्ष को प्राप्त किया था, वहीं इसी दिन संध्याकाल में उनके प्रमुख शिष्य गणधर गौतम स्वामी को केवलज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
दी शुभकामनाएं
नगर में जिन मंदिरों में भगवान महावीर का मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। श्री अजितनाथ बड़ा जैन मंदिर में सुबह से ही भक्तजनों का तांता लगा रहा। प्रातःकालीन बेला में भगवान जिनेन्द्र का अभिषेक -पूजन किया गया। तत्पश्चात भगवान महावीर का निर्वाण पूजन किया और निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। श्री सुधासागर महाराज द्वारा सृजित श्री यशोदय अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र में भी भगवान महावीर का मोक्ष कल्याणक महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। जिन अभिषेक पूजन कर निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इस मौके पर प्रथम लाडू चढ़ाने का सौभाग्य अभिनंदन चौधरी, चक्रेश चौधरी, मुकेश सराफ, प्रमोद चौधरी एवं आनंद रवि सराफ को प्राप्त हुआ। शाम को भगवान महावीर के गणधर गौतम स्वामी को केवल ज्ञान की प्राप्ति की खुशियां मनाई गईं और दीप जलाकर पूजन अर्चन किया। रात्रि में एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं दीं।













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