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मुनिश्री मल्लीसागरजी का 27वां संयम दिवस मनाया: समाजजनों ने श्री भक्तामर पाठ किया


मुनिश्री मल्लिसागर जी का 27वां संयम दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सुरक्षा अजय जैन ने मंदिर में संयम दिवस पर श्री भक्तामर पाठ रखा गया। जिसमें महिला, पुरुष और युवक बड़ी संख्या में शामिल हुए। धर्म प्रभावना भी वितरित की गई। धामनोद से दीपक प्रधान की यह खबर…


धामनोद। मुनिश्री मल्लिसागर जी का 27वां संयम दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सुरक्षा अजय जैन ने मंदिर में संयम दिवस पर श्री भक्तामर पाठ रखा गया। जिसमें महिला, पुरुष और युवक बड़ी संख्या में शामिल हुए। धर्म प्रभावना भी वितरित की गई। नगर की सामाजिक सेवा में अग्रणी मां अन्नपूर्णा रोगी सेवा संस्थान धामनोद में भोजन योजना में सहयोगी बनकर रोगियों को भोजन कराया गया। उल्लेखनीय है कि बड़वाह के बाबूलाल चंदनबाई की कोख से जन्मे अतिवीर भैया, जिन्होंने आचार्य विद्यासागरजी महाराज जी के सिद्धवरकूट प्रवास के समय ब्रह्मचारी व्रत ले लिया और अपनी साधना घर पर करते रहे। जब पुण्य प्रबल हुआ आचार्य श्री के पास गए। प्रसंग ऐसा बना कि दीक्षा में नंबर लग गया। 25 वर्ष की उम्र में नेमावर में आचार्य विद्यासागरजी महाराज के कर कमलों से दीक्षा हो गई। आज इस पथ पर 27वर्ष हो रहे हैं।

अपनी साधना और अपना लक्ष्य गुरुओं की सेवा सानिध्य मिले आत्म कल्याण का मुख्य लक्ष्य है। जबलपुर में अभी नवाचार्य समय सागरजी महाराज के साथ में हैं। सांसारिक जीवन में वे पांच भाई और 2बहने हैं। सनावद नगरी जिसने आचार्य वर्धमान सागरजी महाराज सहित 18 संत व त्यागी वर्ती दिए। बड़वाह की पावन भूमि ने त्यागी वृत्ति, संत और माताजी दीं।

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