आलोक नगर बल्केश्वर स्थित नवनिर्माणाधीन श्री सर्वाेतोभद्र जिनालय परिसर में श्री आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत माता मरूदेवी जी की गोद भराई का पावन, गरिमामय एवं भाव-विभोर कर देने वाला धार्मिक आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ हुआ। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह रिपोर्ट…
आगरा। आलोक नगर बल्केश्वर स्थित नवनिर्माणाधीन श्री सर्वाेतोभद्र जिनालय परिसर में श्री आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत माता मरूदेवी जी की गोद भराई का पावन, गरिमामय एवं भाव-विभोर कर देने वाला धार्मिक आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ हुआ। कार्यक्रम श्री सर्वाेतोभद्र जिनालय ट्रस्ट के तत्वावधान में पूज्य उपाध्याय श्री विहसंतसागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में किया गया। समारोह का शुभारंभ चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उपाध्यायश्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं को महाराज श्री के चरण प्रक्षालन का पुण्य अवसर भी प्राप्त हुआ,जिससे वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
सर्वाेतोभद्र बल्केश्वर जैन महिला मंडल एवं समग्र महिला मंडल की महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीतों की मधुर प्रस्तुति देकर समारोह को भक्तिमय बना दिया। ‘जय-जय आदिनाथ’ एवं मंगलध्वनियों से समूचा जिनालय परिसर गूंजायमान हो उठा। तीर्थंकर बालक आदिकुमार की पावन माता मरूदेवी जी की गोद भराई की सभी मांगलिक क्रियाएं विधि-विधानपूर्वक कराई गईं। श्रद्धालुओं ने मेवा, फल, किशमिश एवं पूजन सामग्री अर्पित कर शुभाशिष व्यक्त किए और धर्मलाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर नभिराय पिता पारसमल जैन का आयोजक समिति द्वारा विशेष रूप से स्वागत किया गया।
उन्हें माला एवं साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका सम्मान स्वीकार किया। संचालन अंकेश जैन ने किया। इस समारोह की पूरी व्यवस्था सर्वतोभद्र जैन महिला मंडल द्वारा संभाली गईद्यइस अवसर पर सुमेर पांडया, राजीव जैन, रजत जैन, पंकज जैन, विष्णु जैन, राजेंद्र जैन, मनीष जैन, अंकेश जैन, नीरज कुमार जैन, मधु जैन कांसल, ऊषा मारसंस, बीना जैन, बबीता जैन, खुशबू जैन, समीक्षा जैन, कल्पना जैन, भावना जैन सहित समस्त आगरा जैन समाज के लोग उपस्थित रहे। नवनिर्माणाधीन श्री सर्वाेतोभद्र जिनालय परिसर में आयोजित यह भव्य गोद भराई समारोह श्रद्धा,संस्कृति और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण बनकर समाज के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ।













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