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जैन संतों की पिच्छिका पर टिप्पणी को लेकर मेनका गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी : जयपुर में जैन समाज ने जताया तीव्र विरोध, बयान वापस लेकर सार्वजनिक माफी की मांग


जैन संतों की पिच्छिका को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की कथित टिप्पणी पर जयपुर के जैन समाज में तीव्र आक्रोश है। विभिन्न संगठनों ने बयान को भ्रामक बताते हुए कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग की है। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।


जयपुर। सोशल मीडिया पर जैन संतों की पिच्छिका को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता मेनका गांधी की कथित टिप्पणी के बाद जयपुर के जैन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न जैन संगठनों के पदाधिकारियों ने इसे तथ्यहीन, निराधार और जैन धर्म की मूल भावना के विपरीत बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

विभिन्न संगठनों ने जताया विरोध

राजस्थान जैन सभा जयपुर के अध्यक्ष सुभाष चंद जैन, राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जैन, श्री मुनि संघ सेवा समिति बापूनगर के अध्यक्ष राजीव जैन गाजियाबाद तथा श्री धर्म जागृति संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष पदम चंद बिलाला ने कहा कि जैन संतों के संबंध में भ्रामक जानकारी प्रसारित करना समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।

पिच्छिका को लेकर रखा पक्ष

राजस्थान जैन सभा के महामंत्री मनीष बैद ने कहा कि दिगंबर जैन संतों की पवित्र मयूर पंख की पिच्छिका किसी भी जीव की हत्या से नहीं बनाई जाती। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिच्छिका के लिए प्राकृतिक रूप से मोर द्वारा छोड़े गए पंखों का ही उपयोग किया जाता है। जैन धर्म का मूल सिद्धांत अहिंसा है और किसी भी जीव की हिंसा की कल्पना तक नहीं की जा सकती।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने कहा कि यदि कथित भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया से नहीं हटाया गया और इस संबंध में स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो जैन समाज आईटी एक्ट तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करेगा।

संतों की चर्या पर टिप्पणी पर आपत्ति

समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जैन संतों का संपूर्ण जीवन संयम, त्याग और जीवों की रक्षा के लिए समर्पित होता है। ऐसे संतों की चर्या पर बिना तथ्यों के टिप्पणी करना करोड़ों जैन अनुयायियों की भावनाओं को आहत करता है तथा सामाजिक सौहार्द के लिए भी उचित नहीं है।

एक जुलाई को सौंपा जाएगा ज्ञापन

समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि आगामी 1 जुलाई को विभिन्न जैन संस्थाओं द्वारा भाजपा नेतृत्व को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा। साथ ही मेनका गांधी से बिना शर्त अपना बयान वापस लेने और जैन संत समाज से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करने की मांग की गई है।

समाज की अपील

जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि धार्मिक विषयों पर सार्वजनिक वक्तव्य देते समय तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए। समाज ने स्पष्ट किया कि संतों की मर्यादा और चर्या पर आधारहीन आरोप किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

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