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मेरठ में सजा महाप्रभु का समवसरण, जिन चैंप क्विज के साथ मार्च माह का भव्य समापन: विमर्श सागर महाराज के सानिध्य में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया धर्म लाभ


मेरठ में श्री 1008 समवसरण महामण्डल विधान और जिन चैंप क्विज प्रतियोगिता के सफल आयोजन के साथ मार्च माह का भव्य समापन हुआ। विमर्श सागर महाराज के सानिध्य में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। — सोनल जैन की रिपोर्ट


 मेरठ । “कोई पूछे तो कह देना – मेरठ में महाप्रभु का समवसरण लगा है।” यह उद्गार भावलिंगी संत दिगंबराचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ने व्यक्त किए।

महानगर मेरठ में शारदा रोड स्थित श्री महावीर जयंती भवन इन दिनों सच में समवसरण जैसा दिव्य रूप धारण कर चुका है। शहर ही नहीं, आसपास के नगरों से भी हजारों श्रद्धालु यहाँ पहुंचकर अपने जीवन को धन्य बना रहे हैं।

 जिन चैंप क्विज के साथ मार्च का समापन

मार्च माह का समापन जिन चैंप क्विज प्रतियोगिता के सफल आयोजन के साथ हुआ। बच्चों और युवाओं में धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला यह आयोजन बेहद उत्साहपूर्ण रहा।

 भव्य महामण्डल विधान की शुरुआत

01 अप्रैल से “श्री 1008 समवसरण महामण्डल विधान” की शुरुआत हुई। सुबह घरमात्रा तीरगरान जैन दिगम्बर मंदिर से शोभायात्रा प्रारंभ होकर महावीर जयंती भवन पहुंची, जहाँ ध्वजारोहण, मंडप उद्घाटन, समवसरण उद्घाटन और जिनाभिषेक जैसे पावन अनुष्ठान सम्पन्न हुए।

 संतों के सानिध्य में मिला आध्यात्मिक आनंद

सभा का सबसे भावुक और आनंदमयी क्षण तब आता है जब आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज अपने विशाल चतुर्विध संघ (35 पीछी) के साथ मंच पर विराजमान होते हैं। पहली बार इतने विशाल संघ का सानिध्य इस आयोजन में प्राप्त हुआ है, जो इसकी विशेषता बन गया है।

“यह भवन अब समवसरण बन चुका है”

आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि अब यह केवल महावीर जयंती भवन नहीं रहा, बल्कि प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का समवसरण बन गया है।

उन्होंने कहा— “अगर कोई पूछे कि कहाँ हो, तो कहना कि मैं महाप्रभु ऋषभदेव के समवसरण में बैठा हूँ।”

उन्होंने समवसरण की महिमा बताते हुए कहा कि जब भगवान ऋषभदेव को केवलज्ञान प्राप्त हुआ, तब इन्द्रों ने दिव्य समवसरण की रचना की, जहाँ हर जीव उन्हें केवल ‘महाप्रभु’ रूप में देखता है।

 भक्तों की अनोखी सहभागिता

विधानाचार्य ब्र.वि. विकर्ष जी शास्त्री और संगीतकार केंद्राव एंड पार्टी के साथ श्रद्धालु इन्द्र-इन्द्राणी बनकर भगवान की आराधना कर रहे हैं। आयोजन के दौरान प्रतिदिन 7 लकी ड्रॉ कूपन भी निकाले जा रहे हैं, जिससे उत्साह और बढ़ रहा है।

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