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वर्षायोग चातुर्मास का मंगल कलश मंगल का प्रतीक: आचार्यश्री नेे प्रवचनों में कलश की बताई महत्ता 


चातुर्मास का मंगल कलश मंगल का प्रतीक होता है। यह कहना है आचार्य श्री विनीत सागर जी के परम शिष्य आचार्य अभिनंदन सागर जी महाराज का। आचार्यश्री श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर जैन धर्मशाला में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। राजाखेड़ा से पढ़िए, यह खबर…


राजाखेड़ा। चातुर्मास का मंगल कलश मंगल का प्रतीक होता है। यह कहना है आचार्य श्री विनीत सागर जी के परम शिष्य आचार्य अभिनंदन सागर जी महाराज का। आचार्यश्री श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर जैन धर्मशाला में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब श्रावक के तीव्र पुण्य का उदय आता है तब साधु के वर्षायोग का अवसर समाज को प्राप्त होता है। आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन करने का अवसर मधु जैन दिनेश जैन जगतपुरा एवं शास्त्र भेंट करने का अवसर देवचंद पवन कुमार परिवार को प्राप्त हुआ।

मुख्य चातुर्मास कलश स्थापित करने का अवसर सुरेशचंद प्रवीण कुमार रिशव जैन अनंत जैन परिवार बसई वालों को प्राप्त हुआ। इस दौरान सरधना, मेरठ, आगरा, बगदा, शमसाबाद, मनियां, धौलपुर सहित अनेक स्थान से पधारे श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र जैन, अध्यक्ष देवचंद जैन, कोषाध्यक्ष मुकेश पटवारी, मक्खनलाल जैन, विनोद पंडित, रामकुमार जैन, ललित जैन, सतीश जैन, झम्मनलाल, विपिन जैन, महेश जैन चौधरी, सुरेश जैन, विजय जैन, रिशव जैन चौधरी, ओमप्रकाश जैन उपस्थित रहे।

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Shreephal Jain News

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