पिछले 6 दशकों में सनावद नगर से संपन्न परिवारों के पढ़े लिखे लोग भरा- पूरा परिवार छोड़, सांसारिक जीवन की व्यर्थता, चिंताओं, लाभ के प्रति समर्पण को छोड़कर, त्याग और संयम का मार्ग अपनाकर जैनेश्वरी दीक्षा धारण करके आत्म कल्याण का मार्ग चुन चुके हैं। सन्मति काका और संजय पंचोलिया ने बताया कि अब 3 प्रतिमाधारी 64 वर्षीय मधुबाला स्व. प्रकाश चंद पंचोलिया दीक्षा ग्रहण करने जा रही हैं। पढ़िए यह रिपोर्ट…
सनावद। पिछले 6 दशकों में सनावद नगर से संपन्न परिवारों के पढ़े लिखे लोग भरा- पूरा परिवार छोड़, सांसारिक जीवन की व्यर्थता, चिंताओं, लाभ के प्रति समर्पण को छोड़कर, त्याग और संयम का मार्ग अपनाकर जैनेश्वरी दीक्षा धारण करके आत्म कल्याण का मार्ग चुन चुके हैं। सन्मति काका और संजय पंचोलिया ने बताया कि अब 3 प्रतिमाधारी 64 वर्षीय मधुबाला स्व. प्रकाश चंद पंचोलिया दीक्षा ग्रहण करने जा रही हैं। वे देश की सर्वाधिक संयमधारी गणिनी प्रमुख आर्यिका शिरोमणि ज्ञानमति माताजी के वरद कर कमलों से श्रमण संस्कृति के त्याग और संयम के पथ पर अग्रसर होकर जैनेश्वरी आर्यिका दीक्षा अयोध्या (उप्र.) में 22 जुलाई को शुभ मुहूर्त में ग्रहण करेगी।
ये भी साथ लेंगी दीक्षा
अयोध्या में वीर शासन जयंती के अवसर पर श्रावण कृष्ण एकम को मधुबाला पंचोलिया के साथ टिकेैत नगर की सुश्री इंदू जैन, सुश्री अलका जैन, फिरोजाबाद की सुश्री श्रेया जैन, श्रीरामपुर महाराष्ट्र की श्रीमती शोभा पहाड़े भी आर्यिका दीक्षा लेंगी। वहीं दिल्ली की श्रीमती रेखा जैन, ब्रम्हचारिणी राजबाला जैन क्षुल्लिका दीक्षा गणिनी प्रमुख ज्ञानमति माताजी से अपूर्णता का नाश करने और आत्मा की शुद्धि हेतु रुप व्रतों को धारण कर जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण करेंगी।
इन्होंने भी की दीक्षा ग्रहण
सनावद नगर के मोक्ष मार्ग के त्यागी मोह माया के आडंबर को छोड़कर गुरु शरण में चरण वंदना कर आत्म कल्याण का मार्ग पूर्व के दशकों में अपना चुके हैं – यशवंत पंचोलिया, मोतीचंद पंचोलिया, तिलोकचंद पंचोलिया, नरेंद्र कुमार पंचोलिया, सुश्री चंदना पंचोलिया, सुश्री सिद्धा पंचोलिया, श्रीचंद जैन, राजेन्द्र जैन, विजय कुमार जैन, श्रेयांस जैन, स्वतंत्र कुमार जैन, सुश्री दीप्ति जैन, श्रीमती कमला बाई पंड्या (काकीजी), सुश्री अर्चना जैन, सुश्री ऊषा जैन, संदेश जैन और रतनलाल पाटनी ।
बिनौरी कार्यक्रम आयोजित
सनावद निवासी त्यागी मधुबाला दीदी के दीक्षा ग्रहण करने के निश्चय पर निमाड़- मालवा के अनेक नगरों में हर्षोल्लास के साथ उनकी बिनौरी कार्यक्रम आयोजित कर सम्मान किया और त्याग के पथ पर अग्रसर होने की अनुमोदना की गई। ब्रम्हचारिणी मधुबाला दीदी की बेटी चंदना पंचोलिया और जेठ मोतीचंद पंचोलिया वर्षों पहले ही गृहस्थ जीवन त्याग कर दीक्षा ग्रहण कर चुके हैं।
पहुंच चुकी हैं अयोध्या
ग्रामीण कस्बे बेड़ियां में जन्मी, सनावद की बहू मधुबाला पंचोलिया दीक्षा ग्रहण करने के लिए दीक्षा पूर्व होने वाले अनुष्ठानों में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंच चुकी हैं। वहां दीक्षा उपरांत गुरु के सान्निध्य में उन्हें नया नाम और नई पहचान मिलेगी। भगवान ऋषभदेव की पावन जन्मभूमि अयोध्या में वृहद स्तर पर भव्य दीक्षा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें सनावद, खंडवा, बैडियां, मंडलेश्वर, महेश्वर, इंदौर, खरगोन सहित पूरे मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों से जैन धर्मावलंबी 22 जुलाई को धर्म प्रभावना के इस मंगल सुअवसर के साक्षी बनेंगे।













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