श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर जी ससंघ, मुनि श्री 108 भाव सागर जी के मंगल आशीर्वाद से 15 तीर्थंकर श्री धर्मनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव भक्ति भाव से मनाया गया। धर्मनाथ भगवान की स्वर्णमयी प्रतिमा को मंदिर की परिक्रमा करते हुए मंत्रोचार के साथ पांडुक शिला पर विराजमान कर अभिषेक और शांतिधारा की गई। झुमरी तिलैया से पढ़िए, यह खबर…
झुमरीतिलैया। श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में आचार्य श्री 108 भद्रबाहु सागर जी ससंघ, मुनि श्री 108 भाव सागर जी के मंगल आशीर्वाद से 15 तीर्थंकर श्री धर्मनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव भक्ति भाव से मनाया गया। जिसमें सर्वप्रथम प्रातः धर्म नाथ भगवान की सबसे छोटी स्वर्णमयी प्रतिमा को मंदिर की परिक्रमा करते हुए मंत्रोचार के साथ पांडुक शिला पर विराजमान किया गया। प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य अशोक, विनोद जैन अजमेरा को प्राप्त हुआ। साथ ही बहुत ही भक्ति भाव के साथ आचार्य श्री के मुखारबिंद से विश्व शांति मंत्रों के द्वारा शांतिधारा हुई। जिसका सौभाग्य सुरेंद जैन काला, प्रभात जैन के परिवार, विजय-विकाश जैन सेठी के परिवार को प्राप्त हुआ। भक्ति भाव से निर्वाण लाडू धर्मनाथ भगवान के चरणों में चढ़ाने का सौभाग्य मंजू, जुली लुहाड़िया, अशोक,मंजू ,विनोद, अर्हम, कथांस अजमेरा परिवार और नया जैन मंदिर में प्रदीप-प्रेम जैन पांड्या के साथ समाज के सभी श्रेष्ठ जनों को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर धर्मनाथ भगवान का बहुत ही भक्ति भाव से सुबोध जैन गंगवाल द्वारा संगीतमय पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर जैन संत आचार्य श्री भद्रबाहु महाराज ने कहा कि आज ज्येष्ट शुक्ल चतुर्थी के दिन धर्मनाथ भगवान का निर्वाण तीर्थ राज सम्मेद शिखर के पहाड़ से सुदतवरकूट से योगनिरोध करते हुए हुआ। उस समय से पूरे दुनिया में भगवान का निर्वाण महोत्सव धूमधाम भक्ति भाव के साथ सभी लोग मनाते हैं। भगवान के निर्वाण के दिन पूजा अर्चना करने से अनंत गुणा पूण्य मिलता है। इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। जिसमें विशेष रूप से जयकुमार गंगवाल, सुनील, मुकेश जैन अजमेरा, अजय जैन सेठी, संजय जैन गंगवाल, महिला संगठन के मोना जैन छाबड़ा, रिंकू जैन गंगवाल, ममता जैन सेठी, पिंकी जैन सेठी, अलका जैन सेठी, बबिता जैन गंगवाल, वार्ड पार्षद पिंकी जैन के साथ कई लोग उपस्थित हुए।













Add Comment