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लोकार्पण समारोह : न्यायमूर्ति विमला देवी जैन के नाम पर संशोधित हुए विदवास स्कूल में होगा प्रतिभा सम्मान समारोह


एकीकृत शासकीय हाई स्कूल विदवास में शिलालेख का लोकार्पण करेंगी न्यायमूर्ति विमला देवी जैन पढ़िये राजेश रागी / रात्नेश जैन बकस्वाहा की विस्तृत रिपोर्ट… 


सागर। जिले के शासकीय हाई स्कूल विदवास का मध्यप्रदेश शासन की ओर से विगत वर्ष 2022 मे संशोधित नामकरण अधिसूचित कर ‘न्यायमूर्ति श्रीमती विमला देवी जैन एकीकृत शासकीय हाई स्कूल विदवास जिला सागर मप्र.’ किया गया है। अब इसी विद्यालय में 11 फरवरी 2023, शनिवार को प्रतिभा सम्मान एवं शिलालेख लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री राजस्व एवं परिवहन मप्र शासन के गोविंद सिंह राजपूत एवं सागर के विधायक शैलेन्द्र जैन की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है।

इस अवसर पर सुरेश जैन आईएएस भोपाल नैनागिरि सहित देश एवं विदेश के अनेक जनप्रतिनिधि ,राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक विशेष रुप से उपस्थित होकर कार्यक्रम को गौरवान्वित करेगें। इस आयोजन पर समारोह समिति के सुमति प्रकाश जैन प्राचार्य ने बताया कि इस अवसर पर सुबह धार्मिक कार्यक्रम होंगे, फिर सुबह 9:40 मिनट पर से न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जैन एकीकृत शासकीय हाई स्कूल विदवास में शिला पट्टिका का लोकार्पण करेंगी। इसके बाद 10.20 से दोपहर 12:00 बजे तक प्रतिभा सम्मान समारोह एवं मुख्य अतिथियों का उद्बोधन एवं आभार व्यक्त किया जाएगा।

जानें न्यायमूर्ति विमला जी के प्रभावशाली व्यक्तित्व के बारे में

ठोस एवं प्रभावी निर्णयों से विधि व्यवस्था को संरक्षित कर रहीं न्यायमूर्ति विमला देवी जैन

न्याय मंदिर की अप्रतिम न्यायमूर्ति श्रीमती विमला देवी जैन ने जुलाई 1957 से अप्रैल 1962 तक विदवास के इसी विद्यालय में कक्षा पांचवी तक अध्ययन किया और ग्रामीण विद्यालय से प्रतिभाशाली विद्यार्थी सम्मानजनक पदों को सुशोभित कर स्कूल का नाम उंचाइयों पर पहुंचाने का श्रेय अर्जित किया। आपके पिता सुंदरलाल जैन अनेक वर्षों तक ग्राम पंचायत विदवास के सरपंच पद पर रहे हैं। 16 वर्ष की आयु में विमला जी का विवाह हो गया था। सभी पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए आपने अपना उच्च अध्ययन जारी रखा।

वर्ष 1978 में आपका चयन व्यवहार न्यायाधीश के पद पर हुआ। आपने अनेक जिलों में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पदों पर कार्य किया। वर्ष 2010 में आप मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की न्यायाधीश बनीं और 4 वर्षों तक इस पद पर कार्यरत रहते हुए पूरी निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। सुस्थापित मानदण्डों के अनुसार पूरे साहस के साथ निश्चित समयावधि में पारित अपने ठोस एवं प्रभावी निर्णयों से न्यायिक जगत एवं प्रदेश की विधि व्यवस्था के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं एवं सुस्थापित समाचार पत्रों की ओर से आपके अनेक निर्णयों की सराहना की गई है।

आप भारत में पर्यावरण विधि, नगर एवं ग्रामीण विकास संहिता, शिक्षा विधि संहिता सहित अनेक पुस्तकों की सहलेखिका भी हैं। आपने विश्व के सभी महत्वपूर्ण देशों का भ्रमण किया है। आपने अपनी ससुराल नैनागिरि में अपने पति सुरेश जैन आईएएस के सहयोग से सिघंंई सतीश चंद केसर देवी जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का वर्ष 1993 में संस्थापन किया। आपके पिता स्वर्गीय सुंदरलाल जी इस विद्यालय के 20 वर्ष तक संस्थापक अध्यक्ष रहे। इस विद्यालय से 1500 से अधिक छात्र 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर पूरे देश में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

यह सराहनीय है कि न्यायमूर्ति विमला जी ने सफलता के सर्वोच्च मापदण्ड स्थापित कर ग्राम विदवास के स्कूल का नाम रोशन किया है। साथ ही आपने छोटी-छोटी पहुंच ने विहीन ग्रामों की बालिकाओं को आगे बढऩे की सतत प्रभावी प्रेरणा दी है। आप उनकी रोल मॉडल बन गई हैं ।

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