खैरवाड़ा में 37 वर्षों बाद आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ के सान्निध्य में पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न हुआ। पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा, निर्वाण लड्डू और गूंजते जयकारों के बीच धार्मिक वातावरण में समर्पण की मिसाल देखी गई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
खेरवाड़ा। सदर बाजार स्थित खैरवाड़ा में दिगंबर दशा हुमड़ समाज द्वारा 37 वर्षों के बाद पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव आर्यिका सुप्रज्ञमति माताजी ससंघ के पावन सान्निध्य में धूमधाम से मनाया गया। अध्यक्ष विरेन्द्र वखारिया, उपाध्यक्ष विपिन वखारिया, और चातुर्मास कमेटी के नरेंद्र पंचोली, कुलदीप शाह ने बताया कि गुरु पूर्णिमा से भाद्रपद सुदी तीज तक 48 दिवसीय भकतामर विधान चल रहा है। माताजी ससंघ के सान्निध्य में पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा और निर्वाण लड्डू चढ़ाने का सौभाग्य विभिन्न श्रद्धालु परिवारों को मिला। पहली बार 5.250 किलो का निर्वाण लड्डू चांदी की ध्वजा सहित भगवान को अर्पित किया गया। नेमिनाथ भगवान की 24 दिवसीय विशेष शांतिधारा धवल अभयजी शाह परिवार द्वारा की जा रही है। शास्त्र भेंट, पाद प्रक्षालन एवं प्रवचन के साथ दिन भर धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे।
चोका चर्या, साधु भक्ति और श्रद्धा के महत्व को किया रेखांकित
माताजी ने प्रवचन में चोका चर्या, साधु भक्ति और श्रद्धा के महत्व को रेखांकित किया। शाम को 44 दीपकों से कल्याण स्रोत का पाठ हुआ और अगले दिन आहार चर्या सम्पन्न की गई। रिद्धि-सिद्धि दायक नेमिनाथ भगवान के मंदिर में शांतिधारा एवं 16 दिवसीय विधान चल रहा है, जिसकी पूर्णाहुति रक्षा बंधन के दिन होगी।













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