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जब कर्म की मार पड़ती है तो आवाज नहीं होतीः मुनि सुधासागर जी

मुनि श्री ने कहा, बड़ों को कभी उपदेश न देना

ललितपुर.राजीव सिंघई । श्री अभिनन्दनोदय अतिशय तीर्थ में श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने कहा है कि बड़ों को कभी भी उपदेश नहीं देना, गल्तियां भी करें तो भी डायरेक्ट मत बोलना कि आर गलत हैं। कभी भी मुंह पर सीधे नहीं कहना। रावण और विभीषण का उदाहरण देकर उन्होंने कहा विभीषण ने यही किया था। रावण बड़ा भाई था, पर उसने भाई को समझाया कि सीता मां को वापस सौंप दो। पर रावण नहीं माना और भरे राजदरबार में लात मारकर निकाल दिया। रावण उग्र हो गया क्योंकि वह राजा था, बड़ा था और अहंकारी था।
मुनि श्री ने आगे कहा कि जो कानून से नहीं डरते, पाप से नहीं डरते, उसे कानून भले ही न सुधार पाए, उसे कर्म सुधार देते हैं। मुनि श्री ने कहा कि धर्म के फल की महिमा सुनकर व्यक्ति बहुत प्रभावित होता है। धर्म का फल मोक्ष है तो वह भी भाव बना लेता है कि मुझे मोक्ष जाना है। अनंत बार अच्छा बनने के भाव बनाएं, सुध से जीवन जीने के भाव बनाएं, पर आज तक मोक्ष प्राप्त नहीं कर पाए। धनवान बनने के भाव भी बनाए, पर नहीं बन पाए। उन्होंने कहा ततरूप भाव करना तो सरल है, पर तदरूप होना बहुत कठिन है।

इसके पूर्व प्रातःकाल मूलननायक अभिनंदनाथ भगवान का श्रावकों ने अभिषेक किया। इसके उपरान्त मुनि श्री के मुखारविन्द से शान्तिधारा हुई। तदुपरान्त श्रावक श्रेष्ठि परिवारों ने आचार्य श्री के चित्र का अनावरण एवं मुनि श्री का पादप्रक्षालन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मंगलवार को निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज, मुनि पूज्यसागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीर सागर का उपवास रहा। क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज आहारदान का पुर्ण्याजन रमेश चंद जैन लागौन परिवार को मिला।

नन्दीश्वर जैन मंदिर पंचकल्याणक के लिए मुनि श्री निवेदन

मंगलवार को अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्रपाल मंदिर में केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक ने मुनि सुधासागर महाराज से निवेदन करते हुए
टीकमगढ़ नन्दीश्वर कालोनी में नवनिर्मित जिनालय के पंचकलयाणक के लिए आशीर्वाद एवं सान्निध्य हेतु निवेदन किया। श्री
खटीक ने बताया कि पंचकल्याणक महोत्सव मुनि श्री के सान्निध्य में अभूतपूर्व होगा जिसके लिए उन्होंने समूचे जैन समाज को आमंत्रित किया। केन्द्रीय मंत्री के साथ नन्दीश्वर जैन मंदिर के अध्यक्ष गजेन्द्र चौधरी, उपाध्यक्ष डीके जैन, नगर के समाजसेवी ओमप्रकाश तिवारी, रमाकान्त तिवारी ने मुनि श्री के चरणों में निवेदन किया। जैन पंचायत के महामंत्री डा. अक्षय टडैया, शीलचंद अनौरा, महेन्द्र जैन मयूर, आनंद जैन, राजेन्द्र जैन थनवारा, अक्षय अलया, अशोक जैन दैलवारा, सुरेश बाबू जैन, अखिलेश गदयाना, कोमल चंद जैन मडवारी, सन्मति सराफ, आलोक मोदी आदि मौजूद रहे।

चम्बल एक्सप्रेस को ललितपुर तक बढ़ाया जाए, केन्द्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन

केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक को ललितपुर सेवा ग्रुप के शानूबाबा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने ज्ञापन देते हुए अवगत कराया कि तीर्थराज सम्मेद शिखर की वंदना के लिए चम्बल एक्सप्रेस को ललितपुर तक बढ़ाया जाए क्योंकि टीकमगढ़, महरौनी, चंदेरी आदि क्षेत्र के लोगों को सम्मेदशिखर जी के लिए झांसी, बीना जाना पड़ता है जिससे काफी परेशानी होती है। यदि चम्बल एक्सप्रेस को ललितपुर होते हुए टीकमगढ़ की ओर परिवर्तित कर दिया जाए तो जैन समाज लाभान्वित होगा। साथ ही आवागमन भी सुगम हो जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से सनत जैन खजुरिया, श्रीश सिंघई, अंकित सराफ, मनीष जैन, सौरभ जैन, अभिषेक जैन, समकित जैन आदि प्रमुख रहे।

ऑनलाइन क्लासेज का बच्चों के स्वास्थ पर पड़ रहा बुरा असर

कर अधिवक्ता संघ ने कक्षा 1 से 8 तक विद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर बच्चों में मोबाइल के बढ़ते प्रयोग पर चिन्ता जताते हुए रोके जाने की मांग की। संघ ने जिलाधिकारी के माध्यम से केन्द्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भी दिया। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 लॉकडाउन के कारण विद्यालयों के संचालन बंद होने से शिक्षा को यथावत लागू रखने के लिए प्राइमरी, जूनियर स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा लागू की गई थी जिससे बच्चे घर में रहकर पढ़ाई कर सकें। यह सराहनीय कदम रहा लेकिन कोविड का प्रभाव धीरे- धीरे कम हुआ और ऑफलाइन शिक्षण व्यवस्थाएं सुचारू हो गईं हैं,

ऐसे में इसको रोका जाना जरूरी है क्योंकि मोबाइल के उपयोग से बच्चों के स्वास्थ पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन देने वालों मेंप्रमुख रूप से अध्यक्ष रूप नारायण विश्वकर्मा, शैलेन्द्र जैन, अजय अलया, अभय जैन, नीलेश जैन,मुकेश साहू, सत्येन्द्र जैन, प्रभाकर दिवाकर अखिलेश शर्मा,आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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