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जीवन में ऐसा करो कि जीवन संवर जाएः मुनि सुधासागर जी

मुनि श्री ने कहा, मांगने की प्रवृत्ति से शक्ति होती है क्षीण

ललितपुर@राजीव सिंघई । श्री अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र ललितपुर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि सुधासागर महाराज ने माता पिता के उपकारों को बताया। कहा कि माता- पिता में उपकार का गुण है। उनमें देने का गुण है। मुनि श्री ने कहा कि अपने आपको भिखारी मत बनाओ। इससे शक्ति क्षीण होती है है। मांगना बंद करोगे तो जीवन की वह अक्षय निधि मिलेगी जिससे अगले जन्म में चक्रवर्ती राजा बनोगे या उस जगह जन्म लोगे जहां मांगने की नौबत नहीं आएगी।
मुनि श्री ने अपने प्रवचनों के माध्यम से जीवन को संस्कारवान बनने की सीख देते हुए कहा कि प्रभु ने मानव जन्म देकर तुम्हें वह सब कुछ दिया है जिसका तुम उपयोग कर सकते हो। ऐसा उपयोग करो जिससे भविष्य संवर जाए और मानव जीवन सार्थक हो जाए। प्रातःकाल मूलनायक अभिनंदनोदय अतिशय तीर्थ पर मूलनायक अभिनंदननाथ भगवान का अभिषेक भक्तजनों ने किया। इसके उपरान्त मुनि सुधासागर महाराज के मुखारविन्द शान्तिधारा हुई।
धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के अनावरण के साथ श्रेष्ठीजनों ने किया। धर्मसभा का संचालन महामंत्री डा. अक्षय टडैया ने किया। मध्यान्ह में मुनि श्री सुधासागर महाराज ने संघस्थ मुनि पूज्यसागर महाराज, एलक धैर्यसागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज सहित ब्रह्मचारी ब्रह्मचारिणी बहिनों, श्रावकों को जीवकाण्ड ग्रंथ का स्वाध्याय कराया।
आज निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज को आहारदान का सौभाग्य विकास जैन ओसवाल सीए परिवार एवं मुनि पूज्य सागर महाराज को आहारदान नरेन्द्र जैन राजश्री परिवार, एलक धैर्यसागर महाराज को आहारदान देवम साड़ी परिवार एवं क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज को आहार दान का सौभाग्य वीरेन्द्र जैन शास्त्री चिगलौआ परिवार को मिला। सायंकाल जिज्ञासा समाधान के लिए श्रावक मुनि श्री सुधासागर महाराज के सम्मुख भक्तों ने अपनी जिज्ञासाएं की। गुरु भक्ति एवं संगीतमय आरती पुर्ण्याजक परिवार के साथ श्रद्धालु कर लाभान्वित हो रहे हैं। मुनि श्री एवं संघस्थ मुनि पूज्यसागर महाराज, एलक धैर्यसागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के प्रवास से इन दिनों अभिनंदनोदय तीर्थ में अपूर्व धर्म प्रभावना हो रही हेै।

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