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जीवन में धन हो ना हो लेकिन माता- पिता जरूर हों-मुनि मुनि श्री आदित्य सागर जी

  • माता- पिता अपने बच्चों को सदैव हित के लिए प्रेरित करते हैं

न्यूज़ सौजन्य -राजेश जैन दद्दू

इंदौर। समोसरण मंदिर, कंचन बाग में मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने शनिवार को अपने प्रवचन में युवाओं को इंगित करते हुए कहा कि जीवन में धन हो ना हो लेकिन माता- पिता जरूर हों। माता- पिता अपने बच्चों को सदैव हित के लिए प्रेरित करते हैं। यदि माता- पिता जन्म न देते तो तुम संसार में कैसे आते और कैसे सुख भोग पाते? इसलिए प्रत्येक युवक- युवती का कर्तव्य है कि वह जीवन की अंतिम सांस तक अपने माता पिता के प्रति कृतज्ञ रहें और उनकी सेवा करें।
मुनि श्री ने आगे कहा कि आजकल की युवा पीढ़ी बन चुके भगवानों को तो पूज रही है लेकिन भविष्य में भगवान बनने वाली जीवात्मा (माता- पिता) को नहीं पूज रही है बल्कि उनकी उपेक्षा ही कर रही है। धिक्कार है उन युवाओं को, जो अपने माता- पिता और गुरुजनों से ऊंची आवाज में बात करते हैं और अपने व्यवहार से माता-पिता को दुखी कर रहे हैं। ऐसे युवा जीवन में कभी भी सुख नहीं पा सकते। मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि रविवार को मुनिश्री के विशेष प्रवचन होंगे।

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