समाचार

ग्यारहवें तीर्थंकर भगवान श्री श्रेयांसनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया : इंदौर में आर्यिका सिद्ध श्री माताजी के ससंघ सानिध्य में भव्य धार्मिक आयोजन


इंदौर के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर समर्थ सिटी में ग्यारहवें तीर्थंकर भगवान श्री श्रेयांसनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक दिवस धूमधाम से मनाया गया। आर्यिका सिद्ध माता जी के ससंघ सानिध्य में शांति धारा, कलशाभिषेक एवं निर्वाण लाडू समर्पण सहित धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न हुए। पढ़िए ओम पाटोदी की खास रिपोर्ट…


इंदौर। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर समर्थ सिटी में समाज के सदस्यों द्वारा आर्यिका सिद्ध श्री माताजी के ससंघ सानिध्य में ग्यारहवें तीर्थंकर भगवान श्री श्रेयांसनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक दिवस बड़े श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन बेला में भगवान के कलशाभिषेक से हुई। इसके बाद माताजी के मुखारविंद से ऋद्धि मंत्रों के साथ विश्व मंगल के लिए शांति धारा का आयोजन हुआ। शांति धारा का लाभ पवन कुमार मोठिया, राजेश कुमार रोहन कुमार मोदी (बदनावर, वर्द्धमानपुर), निरज पूजा जैन, पुनित जैन (डोंगरगांव), एवं हिरामणी बिलाला परिवारों ने प्राप्त किया।

इनको मिला सौभाग्य 

निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य नाभिनंदन कुसुम मनीष जी जैन, अशोक कुमार हर्ष कुमार जैन (बांसवाड़ा), राजेश कुमार रोहन कुमार मोदी (बदनावर, वर्द्धमानपुर), निरज पूजा जैन, श्रैयास सविता जैन, संजय जैन (अहिंसा), सुभाष श्रैय जैन, पारस दिपेश जैन, पवन कुमार मोठिया परिवार को प्राप्त हुआ। आर्यिका माता जी ने अपने प्रवचन में रक्षा बंधन पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अकम्पन्नाचार्य मुनि एवं 700 मुनियों पर हुए उपसर्ग और विष्णु कुमार मुनि द्वारा उसके निवारण की ऐतिहासिक घटना हमें देव शास्त्र, गुरु एवं तीर्थ रक्षा की प्रेरणा देती है। माता जी ने कहा कि रक्षा सूत्र बांधना केवल परंपरा का निर्वाह नहीं है, बल्कि मन में छिपे राग, द्वेष और मोह की ग्रंथियों को खोलना और उनसे मुक्त होना इस पर्व की सार्थकता है। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालु एवं समाज के लोगों ने इस संदेश को आत्मसात करते हुए अपने जीवन में शांति, संयम एवं सद्भाव की प्रेरणा ली।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

Tags

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page