चार दिनों में ग्रहों के राजा सूर्य ने 15 मई की रात को मेष राशि से वृष राशि में प्रवेश किया। ग्रहों में सबसे अधिक ज्ञान, ध्यान, शिक्षा, और दीक्षा के कारक गुरु ने 14 मई की रात वृष से मिथुन में प्रवेश किया। अब 18 मई को शाम 7:20 बजे राहु मीन राशि से कुंभ में, और इसी समय केतु कन्या राशि से सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
मुरैना। कहते हैं, ग्रह ही राज्य देते हैं और ग्रह ही राज्य हर लेते हैं। सभी चराचर ग्रहों के अधीन हैं। चार दिनों में ग्रहों के राजा सूर्य ने 15 मई की रात को मेष राशि से वृष राशि में प्रवेश किया। ग्रहों में सबसे अधिक ज्ञान, ध्यान, शिक्षा, और दीक्षा के कारक गुरु ने 14 मई की रात वृष से मिथुन में प्रवेश किया। अब 18 मई को शाम 7:20 बजे राहु मीन राशि से कुंभ में, और इसी समय केतु कन्या राशि से सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि इन ग्रहों के परिवर्तन का जिन राशियों पर प्रभाव पड़ेगा, उन्हें बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, बुध 16 मई से 12 जून तक अतिचारी गति में रहेगा, जिससे राजनेताओं में परस्पर टकराव बढ़ेगा। देश के पश्चिमी उत्तरी क्षेत्रों में हिंसा और दुर्भिक्ष की संभावना रहेगी, और जनता में भय का माहौल बना रहेगा। तेल, तिलहन, काली मिर्च और किराने का सामान में तेजी आएगी। चांदी एक लाख से ऊपर अच्छी तेजी में रहेगी।
राशियों पर प्रभाव:
18 मई को शाम 7:20 बजे राहु अपनी स्वाभाविक वक्री गति से कुंभ राशि में और केतु अपनी वक्री गति से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इन ग्रहों का गोचर आपके जीवन और राशियों पर किस प्रकार प्रभाव डालेगा, जानिए:
मेष राशि: धन लाभ और मान-सम्मान के अवसर सामने आ सकते हैं।
वृष राशि: परिवार में वृद्धि और धन लाभ के साथ-साथ केतु चौथे घर में रोग और अशांति का कारण बनेगा।
मिथुन राशि: गुरु के कारण कार्यों में विलंब और भय रहेगा। राहु-केतु के गोचर से धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि कम हो सकती है, लेकिन जीवनसाथी और संतान का लाभ मिलेगा। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है।
कर्क राशि: गुरु से शत्रुओं पर विजय मिलेगी और गुप्त व साहसी कार्य सफल होंगे। राहु-केतु के प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ हो सकती हैं।
सिंह राशि: गुरु से नए आर्थिक लाभ और उन्नति के अवसर मिलेंगे। राहु-केतु के प्रभाव से जीवनसाथी से रिश्ते तनावपूर्ण हो सकते हैं।
कन्या राशि: मित्रों से मतभेद और स्थान परिवर्तन की संभावना। राहु-केतु के प्रभाव से व्यर्थ के खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक है।
तुला राशि: संतान की उन्नति, धन लाभ और रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। राहु-केतु के प्रभाव से अचानक सफलता प्राप्त होगी।
वृश्चिक राशि: स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। राहु-केतु के प्रभाव से पारिवारिक सुख में कमी महसूस हो सकती है।
धनु राशि: विवाह, पत्नी सुख और कार्य व्यापार से आर्थिक लाभ का उत्तम समय है। राहु-केतु के प्रभाव से आपको जीवन में लाभ और सफलता मिलेगी।
मकर राशि: पुत्र से मतभेद और पैसों के मामलों में सतर्क रहना जरूरी है। अपने काम की बागडोर अपने हाथ में रखना आपके लिए बेहतर होगा।
कुंभ राशि: गुरु के प्रभाव से तर्क शक्ति और सूझबूझ बढ़ेगी। राहु-केतु के प्रभाव से कार्यों को पूरा करने के लिए ज्यादा मेहनत और लगन की आवश्यकता होगी। ईमानदारी से काम करें।
मीन राशि: गुरु के प्रभाव से परिवार और मित्रों से अशांति हो सकती है, साथ ही स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। राहु-केतु के प्रभाव से कभी धन की हानि हो सकती है, तो कभी खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है।













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