निमाड़ मालवा का प्रथम नवीन सहस्रकूट जिनालय में 1008 रत्नमय भगवान की प्रतिमा विराजित की जाएंगी। आचार्य श्री विप्रणत सागर जी ससंघ का सानिध्य मिलेगा। यहां हर वर्ष के मुताबिक इस वर्ष भी पावागिरी जी सिद्ध क्षेत्र का 20 वां वार्षिक मेला और आध्यात्मिक रंगों की होली 6, 7 और 8 मार्च को रंगपंचमी के अवसर पर लगाया जाएगा। ऊन से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर…
ऊन। निमाड़ मालवा का प्रथम नवीन सहस्रकूट जिनालय में 1008 रत्नमय भगवान की प्रतिमा विराजित की जाएंगी। आचार्य श्री विप्रणत सागर जी ससंघ का सानिध्य मिलेगा। यहां हर वर्ष के मुताबिक इस वर्ष भी पावागिरी जी सिद्ध क्षेत्र का 20 वां वार्षिक मेला और आध्यात्मिक रंगों की होली 6, 7 और 8 मार्च को रंगपंचमी के अवसर पर लगाया जाएगा। इस वार्षिक मेले को 20 वर्ष हो गए, जो सभी निमाड़ मालवा के निवासियों का महत्व पूर्ण उत्सव है। इस वर्ष वार्षिक मेले की विशेषता यह रहेगी कि इस वर्ष तीन दिवसीय मेला होगा। साथ ही पूरे निमाड़ मालवा के किसी तीर्थ पर प्रथम सहस्रकूट जिनालय में 1008 रत्नमय प्रतिमा विराजित होंगी। गत वर्ष माह अप्रैल 2025 में आचार्य श्री विराग सागर जी के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के वरद हस्त और विशाल संघ के सानिध्य में प्रतिष्ठित और सूर्य मंत्र से मंत्रित भगवान को भव्य जिनालय में विराजित किया जाएगा। सहस्रकूट जिनालय बनकर तैयार है। इस अवसर पर आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज का ससंघ सानिध्य प्राप्त होगा। आचार्य श्री ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस तरह रहेंगे यहां पर धार्मिक कार्यक्रम
6 मार्च को प्रातः ध्वजारोहण के साथ मंडल विधान किया जाएगा और शुभ मुहूर्त में रत्नमय प्रतिमा नवीन जिनालय में विराजित होंगी। पूरे देश भर से जिन श्रावक-श्राविकाओं ने प्रतिमा विराजित करने की स्वीकृति प्रदान की है। वे सपरिवार पधार कर भगवान विराजमान करेंगे। सायंकाल भगवान की आरती और मुनि संघ की आरती होगी और धार्मिक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 7 मार्च को प्रातः महावीर मंदिर में भगवान के अभिषेक, शांतिधारा, पूजन होगा। भगवान विराजित किए जाकर विधान आदि धार्मिक अनुष्ठान मंत्रोच्चार के साथ किए जाएंगे। भजन मंडली द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही आचार्य श्री की धर्म देशना भी होगी। 8 मार्च को प्रातः तलहटी में भगवान महावीर स्वर्ण जिनालय में भगवान के अभिषेक, शांतिधारा ,नित्य नियम का पूजन, मंडल का विसर्जन और विश्व शांति के लिए हवन होगा। साथ ही आचार्य संघ की आहार चर्या संपन्न होगी।
कमेटी ने सभी साधर्मियों श्रावकों से शामिल होने की अपील की
दोपहर को आचार्य श्री के प्रवचन, सम्मान समारोह और तलहटी से भगवान शांति नाथ, कुंथुनाथ, अरहनाथ पहाड़ी पर शोभायात्रा के रूप में ले जाकर अभिषेक और शांतिधारा की जाएगी। ट्रस्ट अध्यक्ष हेमचंद झांझरी और महामंत्री अशोक झंझरी ने बताया कि उपरोक्त कार्यक्रम के लिए मेला कमेटी, प्रबंधन कमेटी और ट्रस्ट कमेटी ने संपूर्ण तैयारियां कर ली है। आने वाले साधर्मी की चाय, नाश्ते, भोजन की व्यवस्था कमेटी ने दानदाताओं के सहयोग से की गई है। कार्यक्रम में बाल ब्रह्मचारी पंडित धर्मचंद्र शास्त्री, अष्टापद दिल्ली, अक्षय भैया और इंदौर नगर पुरोहित पंडित नितिन झांझरी का मार्गदर्शन और निर्देशन प्राप्त होगा। कमेटी ने सभी साधर्मियों श्रावकों से इस अभूतपूर्व कार्यक्रम में शामिल होकर इस कार्यक्रम में धर्म लाभ लेने की अपील की है। यह जानकारी ट्रस्टी मनीष जैन (डोसी),और मीडिया प्रभारी आशीष जैन ने दी।













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