समाचार

भगवान महावीर निर्वाण दिवस 13 नवंबर को : शरद पूर्णिमा के बाद हिंदू और अंग्रेजी माह साथ- साथ -डॉ.जैन


अंग्रेजी माह नवम्बर और हिंदू कार्तिक माह दोनों का संयोग इस बार एक साथ चलेगा। दोनों माह मौसम के हिसाब से भी अनकूल रहते हैं, न ज्यादा सर्दी, न गर्मी रहती है। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस बार हिंदू और अंग्रेजी माह नवम्बर शरद पूर्णिमा के बाद करवाचौथ के बड़े व्रत से साथ-साथ चलेंगे। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…


मुरैना। अंग्रेजी माह नवम्बर और हिंदू कार्तिक माह दोनों का संयोग इस बार एक साथ चलेगा। दोनों माह मौसम के हिसाब से भी अनकूल रहते हैं, न ज्यादा सर्दी, न गर्मी रहती है। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस बार हिंदू और अंग्रेजी माह नवम्बर शरद पूर्णिमा के बाद करवाचौथ के बड़े व्रत से साथ-साथ चलेंगे। नवंबर माह में करवाचौथ, धन त्रयोदशी, रूप चतुर्दशी, महालक्षी पूजन, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, देव उठान एकादशी, भीष्म पंचक जैसे कई बड़े त्योहारों की विशेष धूम रहेगी। जैन ने कहा कि महालक्ष्मी पूजन से सात दिन पूर्व रविपुष्य नक्षत्र आयेगा। पुष्य नक्षत्र सभी 27 नक्षत्रों का राजा है। जिसमें रविपुष्य नक्षत्र की तो ज्योतिष में बात ही अलग है। इस बार पूरे दिन और रात रहने से खरीदारी के लिए पूरा समय मिलेगा।

किस दिन कौन सा त्योहार होगा

नवम्बर कार्तिक कृष्ण पक्ष – 01 नवम्बर बुधवार करवाचौथ व्रत, 05 नवम्बर रविवार कालाष्टमी, अहोई अष्टमी, 09 नवम्बर गुरुवार रमा एकादशी,10 नवम्बर शुक्रवार धनत्रयोदशी, यमदीपदान, 11 नवम्बर शनिवार श्री हनुमान जयंती, 12 नवम्बर रविवार नरक चतुर्दशी/रूप चतुर्दशी/दीपावली /महालक्ष्मी पूजन, 13 नवम्बर सोमवार देवपितृ कार्य सोमवती अमावस्या/महावीर निर्वाण दिवस, 14 नवम्बर मंगलवार अन्नकूट, गोवर्धन पूजा/वीर निर्वाण (जैन) संवत् 2550 प्रारंभ, 15 नवम्बर बुधवार भाई दूज, यम द्वितीया/ चित्रगुप्त पूजा, 16 नवम्बर गुरुवार दूर्वा गणपति व्रत, 18 नवम्बर शनिवार लाभ/ज्ञान/ पांडव पंचमी, 19 नवम्बर रविवार सूर्य षष्टी/डाला छठ, 20 नवम्बर सोमवार गोपाष्टमी / दुर्गाष्टमी, 21 नवम्बर मंगलवार आंवला नवमी, 23 नवम्बर गुरुवार देव उठान एकादशी /भीष्म पंचक प्रारंभ, 24 नवम्बर शुक्रवार तुलसी विवाह आरंभ/कालीदास जयंती, 25 नवम्बर शनिवार वैकुंठ चतुर्दशी, 27 नवम्बर सोमवार कार्तिक पूर्णिमा/कार्तिक स्नान/भीष्म पंचक व्रत पूर्ण। वहीं सर्वार्थ सिद्धि /अमृत सिद्धि/रवि, रविपुष्य/ द्विपुष्कर/ त्रिपुष्कर योगों ने भी त्योहारों की महत्ता बढ़ा दी है। सर्वार्थ सिद्धि योग 1, 2, 3, 5, 23, 24, 27, 29, 30 नवम्बर को, अमृत सिद्धि योग 24 नवम्बर को, रवि योग 3, 4,16,18, 22, 23, 25, 26 नवम्बर को, द्विपुष्कर योग 19, 28 नवम्बर को, त्रिपुष्कर योग 04 नवम्बर को, रविपुष्य योग 05 नवम्बर को रहेंगे।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
संपादक

About the author

संपादक

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page