आजकल प्रत्येक क्षेत्र में सत्वेषु मैत्री का अभाव दिखाई दे रहा है। परिणाम स्वरूप घर परिवार टूट रहे हैं। परिवार के सदस्यों में परस्पर में करुणा एवं वात्सल्य का भाव समाप्त हो रहा है एवं समाज में भी विकृतियां बढ़ रही हैं। यह उद्गार शनिवार को दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में गणिनी आर्यिका यशस्विनी माताजी ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए व्यक्त किए। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। प्रत्येक प्राणी सत्वेषु मैत्री अर्थात सभी प्राणियों के प्रति मैत्री एवं वात्सल्य का भाव रखें। आजकल प्रत्येक क्षेत्र में सत्वेषु मैत्री का अभाव दिखाई दे रहा है। परिणाम स्वरूप घर परिवार टूट रहे हैं। परिवार के सदस्यों में परस्पर में करुणा एवं वात्सल्य का भाव समाप्त हो रहा है एवं समाज में भी विकृतियां बढ़ रही हैं। यह उद्गार शनिवार को दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में गणिनी आर्यिका यशस्विनी माताजी ने धर्मसभा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक प्राणी वसुधैव कुटुंबकम की भावना से जिए और सुख-दुःख में समता भाव रखे एवं सभी जीवों के प्रति भी मैत्री भाव, प्रमोद भाव, करुणा भाव एवं मध्यस्थ भाव रखे। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि माताजी आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में विराजमान हैं और प्रतिदिन प्रातः 8.45 बजे से 9.45 बजे तक मंगल प्रवचन होते हैं।













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