जैन समाज आज संत, पंथ और संघ में बंट गया है। आप प्रतिदिन ‘णमो लोए सव्ब साहूणम’ लोक के सभी साधुओं को नमस्कार का उच्चारण करते हैं और माला फेरते हैं लेकिन, साधु...
Tag - Digambar Jain Adinath Jinalaya
तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में तीन दिवसीय प्रवास पर पधारे श्रमण संस्कृति के पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनिश्री...
तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर के तत्वावधान एवं छत्रपति नगर, अग्रसेन नगर महावीर बाग में सक्रिय महिला...
आजकल प्रत्येक क्षेत्र में सत्वेषु मैत्री का अभाव दिखाई दे रहा है। परिणाम स्वरूप घर परिवार टूट रहे हैं। परिवार के सदस्यों में परस्पर में करुणा एवं वात्सल्य का...
अभिमान अहंकार व्यक्तित्व के विकास में बाधक है। महान वही बनता है जो विनम्र होकर मार्दव धर्म का पालन करता है। यह उद्गार दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में...
पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ मंगलवार को शाम 4 बजे सुमतिधाम गांधी नगर से विहार करेंगे। आचार्य श्री वहां से दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर...
दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में उपाध्याय श्री विश्रुत सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने प्रवचन में समता, संयम और धर्म के बारे में...
आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव छत्रपति नगर के दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय में मनाया गया। तीर्थंकर आदिनाथ की प्रतिमा को रजत पालकी में विराजमान कर...
व्यक्ति का व्यवहार ही उसकी पूंजी है। उसके व्यवहार से ही वह पहचाना जाता है। विनम्रता व्यवहार में दिखना भी चाहिए तभी किसी व्यक्ति से उसका जुड़ाव होगा। प्रीति नहीं...








