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महावीर स्वामी जन्मकल्याणक पर निकली भव्य शोभायात्रा : जगह-जगह पलक पावड़े बिछाकर की गयी श्रीजी की आरती


जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 2622वें जन्मकल्याणक के शुभ अवसर पर कस्बा मड़ावरा में भव्य विशाल रथ शोभायात्रा निकाली गयी, जिसमें आचार्य भगवन विद्यासागर जी महामुनिराज के कर कमलों से नवदीक्षित क्षुल्लक निर्धूम सागर जी का मंगल सानिध्य दिगम्बर जैन समाज मड़ावरा को प्राप्त हुआ। पढ़िए प्रियंक जैन सर्राफ की विशेष रिपोर्ट…


मड़ावरा। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के 2622वें जन्मकल्याणक के शुभ अवसर पर कस्बा मड़ावरा में भव्य विशाल रथ शोभायात्रा निकाली गयी, जिसमें आचार्य भगवन विद्यासागर जी महामुनिराज के कर कमलों से नवदीक्षित क्षुल्लक निर्धूम सागर जी का मंगल सानिध्य दिगम्बर जैन समाज मड़ावरा को प्राप्त हुआ। नगर गौरव क्षुल्लक निर्धूम सागर जी के मंगल सानिध्य में कस्बा मड़ावरा में आयोजित किये गए भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर कस्बे में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो गए थे, जिसमें प्रातःकाल में चन्द्रप्रभु जिनालय से भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा को विद्याविहार में गाजे-बाजे से लाया गया, जहां क्षुल्लक जी के सानिध्य में शांतिधारा, अभिषेक आदि क्रियाओं के उपरांत भगवान महावीर स्वामी महामण्डल विधान का आयोजन किया गया।

जीव कल्याण की सीख

क्षुल्लक निर्धूम सागर जी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए बताया कि भगवान महावीर स्वामी ने अहिंसा परमो धर्म की राह पर चलने की सीख सम्पूर्ण जगत को प्रदान की है, जिस पर चलकर ही जीव का कल्याण हो सकता है।

निकाली गयी भव्य शोभायात्रा

दोपहर में कस्बे में एक विशाल रथ शोभायात्रा का आयोजन सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा किया गया जो कि पुराना बाजार से प्रारंभ होकर बैरियल चौराहा, मदनपुर रोड वाया थाना होकर महावीर विद्याविहार तक पहुंची, जिसमें अग्रिम पंक्ति में नवयुवक बैंड-बाजे बजाते हुए चल रहे थे। इसके बाद घुड़बग्घियों पर इंद्र-इंद्राणी बने पुण्यार्जक परिवार बैठकर चल रहे थे तो वहींं महिलाएं, नवयुवतियां व विद्यासागर वर्णी संस्कार पाठशाला के बच्चे हाथों में धर्मध्वजा व माता के सोलह स्वप्नों की तख्तियां लेकर व नृत्य करते हुए चल रहे थे। इसके पीछे श्रद्धालु गगनभेदी धार्मिक नारे लगाते हुए क्षुल्लक जी के साथ क्रमबद्ध तरीके से चल रहे थे तो वहीं रथ में बैठने हेतु पुण्यार्जक बने श्रद्धालु महावीर स्वामी की मनमोहक प्रतिमा को रथ में सवार कर चंवर ढुलाते हुए चल रहे थे। रथ के सारथी बनने का सौभाग्य सवाई सिंघई, सुनील कुमार जैन को प्राप्त हुआ। शोभायात्रा के नियत स्थान विद्याविहार पहुंचने पर श्रीजी को सिंहासन पर विराजमान कर श्रद्धालुओं द्वारा विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चारण के साथ अभिषेक आदि जन्मकल्याणक की क्रियाओं को सम्पन्न किया गया। ततपश्चात कार्यक्रम में बाहर से पधारे अतिथि महानुभावों का सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा स्वागत सम्मान किया गया। जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था में थाना मड़ावरा पुलिस का अहम योगदान रहा।

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