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जैन समाज द्वारा अच्छी पहल: अपने लोगों की मदद के लिए की जैन बैंक की स्थापना


जैन समाज के युवाओं द्वारा एक अच्छी पहल शुरू हुयी । युवाओं को सोचना हैं की आर्थिक आभाव में किसी सजातीय परिवार के सपने अधूरे न रहें, और किसी गैर समाज के आगे हाथ न फैलाना पड़े, इसका समाधान निकलने एवं पूर्ति के लिए मुरैना‌ जैन समाज के नव युवाओं ने अपनी खुद की बैंक खोल ली । पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट मनोज नायक की श्रीफल जैन न्यूज़ के साथ…


मुरैना‌ ! जैन समाज एक सुखी और समृद्ध समझ है फिर भी हमारे पूर्व कर्मो के उदय से कभी कभी परेशानी का सामना करना पड़ता है । उसी क्रम मैं आज मुरैना जैन नवयुवकों के द्वारा बहुत की अच्छा एवं सामाजिक कार्य किया गया । वहां पर साधर्मी बंधुओं के लिएके लिए जैन बैंक की स्थापना हुई। युवाओं को सोचना हैं की आर्थिक आभाव में किसी सजातीय परिवार के सपने अधूरे न रहें, और किसी गैर समाज के आगे हाथ न फैलाना पड़े, इसका समाधान निकलने एवं पूर्ति के लिए नव युवाओं ने अपनी खुद की बैंक खोल ली ।

इस जैन बैंक के संचालक श्रीमान अनिल जैन (नायक) बताते हैं कि आज के इस महगाई के युग मैं मध्यम श्रेणी के परिवारों को समय-बेसमय पैसों की अवश्यकता होती रहती है । समाज का कमजोर तबका तो छोटी मोटी जरूरतों के लिए धनाभाव के कारण सदैव ही परेशान रहता हैं । ऐसा हमेशा हुआ जैन की समाज का एक विशेष वर्ग जो आर्थिक तंगी से झूज रहा होता हैं और जब भी उसे धन की अवश्यकता होती है, उसकी मदद के लिए कोई भी तैयार नहीं होता है । कई बार उसका कारण यह भी होता की उचित व पर्याप्त कारण न होने के कारण मदद नहीं हो पाती । मजबूरी में वह सूदखोरों के चुंगल में फस जाता है और वह निरंतर कर्ज में डूबता जाता है । इन्ही सब बातों को दृष्टिगत रखते हुए युवाओं द्वारा अपनी खुद की बैंक खोलने का विचार मन में उत्पन्न हुआ । और फिर जहा चाह वंहा राह । स्थानीय जैन समाज के लगभग 50 युवाओं के समूह ने आपस में चर्चा करके जैन बैंक का गठन किया ।

आवश्यकतानुसार कर रहे हैं आर्थिक मदद

जैन बैंक का प्रत्येक सदस्य हर माह 500/- रूपया या उससे अधिक जमा करता है, जिसका उसे कोई ब्याज या अन्य लाभ नहीं दिया जाता । जैन समाज मुरेना के किसी भी व्यक्ति या परिवार को व्यापार, शादी, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास या अन्य किसी भी सद कार्य के लिए पैसों की आवश्यकता होने पर वह जैन बैंक से संपर्क कर लोन ले लेता है और धीरे धीरे वह अपनी सुविधानुसार उस लोन को वापिस कर देता है । अभी जैन बैंक शुरुआती दिनों में छोटे छोटे लोन ही स्वीकृत कर रही है, आगे आने वाले समय में यह बड़ी धन राशि के लोन भी स्वीकृत करने लगेगी ।

इस पुनीत कार्य में निरंतर लोग जुड़ रहे 

समाजिक अर्थ सहयोग की भावना के इस पुनीत कार्य में निरंतर लोग जुड़ रहे हैं । जैन बैंक के प्रारंभ में मात्र 10 लोग जुड़े थे लेकिन मात्र चार माह के अल्प समय में इसके सदस्यों की संख्या ५० के लगभग हो गई है । यह एक बहुत अच्छी पहल है और इस कार्य को देख अन्य शहरों की समाज भी ऐसा बैंक स्थापित करने का विचार करेंगी | श्रीफल जैन न्यूज़ भी मुरैना जैन समाज के नवयुवकों की अनमोदना करे हैं और आशा करते है की जल्दी ही ५०लोग ५०० बन के इस पुण्य कार्य मैं सहयोग करेंगे |

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