समाचार

मुनि आदित्यसागर संसघ के सानिध्य में संस्कार एवं उपनयन शिविर : 300 से अधिक बालक-बालिकाओं के मस्तिष्क पर लगाया गंधोदक


आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर की ओर से रविवार को संस्कार एवं उपनयन शिविर लगाया। मुनि आदित्यसागर संसघ के सानिध्य में तरणताल प्रांगण में हुए कार्यक्रम में कई शहरों से जैन समाज के लोग अपने बालक-बालिकाओं के साथ पहुंचे। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


भीलवाड़ा। आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर की ओर से रविवार को संस्कार एवं उपनयन शिविर लगाया। मुनि आदित्यसागर संसघ के सानिध्य में तरणताल प्रांगण में हुए कार्यक्रम में कई शहरों से जैन समाज के लोग अपने बालक-बालिकाओं के साथ पहुंचे। दिगंबर जैन समाज में इस तरह के पहले आयोजन को देखने के लिए शहर को विभिन्न कॉलोनियों से भी कई समाजजन आरके कॉलोनी मंदिर पहुंचे। तीन घंटे से भी अधिक समय तक चले संस्कार व उपनयन शिविर में मुनि आदित्यसागर ने 300 से अधिक बालक-बालिकाओं के मस्तिष्क पर गंधोदक लगाया।

मुनि अप्रमितसागर व मुनि सहजसागर ने सभी के मस्तिष्क पर केसर से तिलक लगा स्वास्तिक बनाया। बालिकाओं के मस्तिष्क पर संघ की ब्रह्मचारिणी बहन ने यह क्रिया की। तीनों मुनियों ने एक-एक के मस्तिष्क पर विद्या मंत्र भावना मंत्र, वर्धमान मंत्र बोलकर लवंग एवं पुष्प क्षेपन किए। इस दौरान बच्चे हाथ जोड़कर बैठे रहे। मुनि श्री ने 108 सरस्वती मंत्रों के साथ बालकों में ज्ञान एवं लब्धि के लिए पुष्प अर्पित किए। बालकों की मुख शुद्धि क्रिया की। मुनि आदित्यसागर ने कहा कि बचपन में बच्चों को अंगुली पकड़कर मंदिर लाना होगा। जो बच्चे संस्कारित होने से रह गए, उन्हें 5 नवंबर को विद्यासागर वाटिका में संस्कारित किया जाएगा। सचिव अजय बाकलीवाल ने बताया कि सुबह अभिषेक क्रिया के बाद शिवाजी पार्क से जुलूस के साथ बालकों को मंडप तक लाया गया। सौरभकुमार, अतुलकुमार, अशोकनगर वालों ने मुनि का पाद प्रक्षालन किया। महेंद्र, विपिन, रागांश सेठी ने शास्त्र भेंट किए। ट्रस्ट अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि शनिवार रात तक बाहर से आने वालों का रजिस्ट्रेशन किया गया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
संपादक

About the author

संपादक

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page