अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने श्री दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम पर कुंद कुंद ज्ञानपीठ और महावीर ट्रस्ट द्वारा चल रही धार्मिक और सामाजिक कार्यों के बारे में जाना। इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल ने मुनि श्री को बताया कि ट्रस्ट किस प्रकार से कार्य करता है। पढ़िए यह रिपोर्ट…
इंदौर। अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने श्री दिगम्बर जैन उदासीन आश्रम पर कुंद कुंद ज्ञानपीठ और महावीर ट्रस्ट द्वारा चल रही धार्मिक और सामाजिक कार्यों के बारे में जाना। इस मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल ने मुनि श्री को बताया कि ट्रस्ट किस प्रकार से कार्य करता है। मुनि श्री ने कहा कि आज जिस प्रकार के धार्मिक कार्य ट्रस्ट कर रहा है, वह प्रसन्नता के योग्य है।
आज सब से बड़ी चुनौती प्राचीन इतिहास को सुरक्षित रखना और वर्तमान में संस्कार- संस्कृति को बचाए रखना है। इसके साथ ही धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाते रहने की जरूरत है, तभी हम जिस पद पर बैठकर कार्य कर रहे हैं, उसकी जिम्मेदारी पूरी होगी।
प्राचीन संस्थान की सुरक्षा करना ट्रस्ट के साथ समाज का भी कर्तव्य है। समाज को उत्साह के साथ संस्थाओं के साथ कार्य करते रहना चाहिए, तभी समाज निरंतर उन्नति और विकास कर सकता है।













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