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समर्पण और भक्ति शब्दों में नहीं, सेवा में दिखती है : सीए कमलेश जैन स्याद्वाद रत्न से किए गए विभूषित


आप लोग वही युवा हैं जो रक्तदान करके किसी को जीवन देते हैं, धार्मिक सेवा करके संस्कार बचाते हैं, और सामाजिक एवं रचनात्मक कार्य करके समाज का भविष्य गढ़ते हैं। यह विचार जैसवाल जैन सेवा न्यास के कार्याध्यक्ष सीए कमलेश जैन गुरुग्राम ने स्याद्वाद युवा क्लब के स्टार अवार्ड समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुरैना नईदिल्ली से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना/नई दिल्ली। इतिहास बदलने के लिए उम्र नहीं, इरादे दृढ़ होना चाहिए। ख़ुद पर विश्वास रखिए, ऊँचे-ऊँचे सपने देखिए, उन सपनों को पूरा करने के लिए पूरी प्लानिंग करिए, लगन व मेहनत के साथ सपनों को पूरा कीजिए और धर्म के प्रचार प्रसार व समाजोत्थान में सहयोग करते रहिए। आप लोग वही युवा हैं जो रक्तदान करके किसी को जीवन देते हैं, धार्मिक सेवा करके संस्कार बचाते हैं, और सामाजिक एवं रचनात्मक कार्य करके समाज का भविष्य गढ़ते हैं। यह विचार जैसवाल जैन सेवा न्यास के कार्याध्यक्ष सीए कमलेश जैन गुरुग्राम ने स्याद्वाद युवा क्लब के स्टार अवार्ड समारोह में युवाओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। स्याद्वाद युवा क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जैन समाज के प्रख्यात समाजसेवी एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट कमलेश जैन गुरुग्राम को स्याद्वाद रत्न से अलंकृत किया गया। कमलेश जैन को यह सम्मान उन्हें समाज के प्रति निरंतर सेवा, संवेदनशील सोच और मानवीय मूल्यों के लिए प्रदान किया गया। कमलेश द्वारा अपने गृह ग्राम राजाखेड़ा एवं विभिन्न शहरों में चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिनसे अनेक लोग लाभान्वित होते हैं। शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को कृत्रिम अंग, व्हील चेयर, मोतियाबिंद का ऑपरेशन, नेत्रों की विभिन्न जांच व उनका इलाज, चश्मे, औषधियां आदि निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। सीए कमलेश जैन गुरुग्राम को उनकी आजीवन उत्कृष्ट कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए “स्याद्वाद रत्न” की उपाधि से विभूषित किया गया।

जो बोलता नहीं, बदलता है

समारोह में सीए कमलेश जैन ने धन्यवाद देते हुए कहा – आज यह अवार्ड पाना मेरे लिए सम्मान से ज़्यादा प्रेरणा का अलार्म है। यह अवार्ड, सेवायें और तेज करने का सिग्नल है। यह सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं है यह उस युवा शक्ति का सम्मान है, जो मंदिर से लेकर मैदान तक, धर्म से लेकर रक्तदान तक, और विचार से लेकर व्यवहार तक सेवा को जीवन बना चुकी है। आज अगर कोई पूछे-युवा कौन है? तो मेरा जवाब होगा जो सोचता नहीं, करता है। जो बोलता नहीं, बदलता है। वही युवा है। आप लोग वही युवा हैं जो रक्तदान करके किसी को जीवन देते हैं, धार्मिक सेवा करके संस्कार बचाते हैं, और सामाजिक कार्य करके समाज का भविष्य गढ़ते हैं। याद रखिए धर्म ग्रंथों में नहीं, कर्म में दिखता है। भक्ति शब्दों में नहीं, सेवा में दिखती है। और युवाशक्ति भाषणों में नहीं, परिणामों में दिखती है।

यह संगठन केवल समाज नहीं, देश की पहचान बनेगा

आज की दुनिया शोर करती है, लेकिन एसवायसी का युवा काम करता है। आज की दुनिया दिखावा करती है, लेकिन ैल्ब् का युवा त्याग करता है। डिग्री हाथ में हो सकती है, लेकिन सेवा दिल में होनी चाहिए। करियर ज़रूरी है, लेकिन किरदार अनमोल है। स्याद्वाद हमें सिखाता है हर मत का सम्मान, हर जीवन के प्रति करुणा, और हर परिस्थिति में संयम। अगर एसवायसी का युवा इसी जोश से चलता रहा, तो यकीन मानिए वो दिन दूर नहीं जब यह संगठन केवल समाज नहीं, देश की पहचान बनेगा। आज इस सम्मान को स्वीकार करते हुए मैं आप सभी युवाओं के समक्ष एक संकल्प लेता हूँ कृजब तक साँस है, तब तक सेवा निरंतर जारी रहेगी। जब तक जीवन है, तब तक समाज उत्थान के लिए समर्पण रहेगा। अपनी स्याद्वाद रत्न की उपाधि से अभिभूत सीए कमलेश जैन ने स्याद्वाद युवा क्लब और शैलेश जैन सहित सभी का आभार व्यक्त किया।

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