आचार्य श्री प्रज्ञसागर जी महाराज ने दिल्ली में जैन पत्रकार महासंघ को संबोधित करते हुए कहा कि जैन सम्पादकों एवं पत्रकार का उत्तरदायित्व है कि महावीर स्वामी के संदेशों का प्रचार-प्रसार कर धर्म की प्रभावना करें। पढ़िए मनोज नायक की विशेष रिपोर्ट…
मुरैना। उपदेशों की प्रभावना ही भक्ति है। भगवान महावीर स्वामी के संदेशों को, उनके सिद्धांतों को यदि प्रत्येक प्राणी स्वीकार कर ले तो सम्पूर्ण विश्व में शांति का माहौल रहेगा। यदि हमने भगवान महावीर के अणुव्रतों को अंगीकार कर लिया तो विश्व को परमाणु बम की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हम सभी का कर्तव्य है कि हम तीर्थंकर महावीर स्वामी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें। यह बात आचार्य श्री प्रज्ञसागर जी महाराज ने दिल्ली में जैन पत्रकार महासंघ को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जैन धर्म कर चौबीसवें तीर्थंकर महावीर स्वामी का 2550वां निर्वाण महोत्सव दीपावली 2023 से दीपावली 2024 तक विभिन्न आयोजनों के साथ अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाएगा।
इसमें जैन सम्पादकों एवं पत्रकारों की अहम भूमिका रहेगी। ऐसे में आप सभी का उत्तरदायित्व है कि महावीर स्वामी के संदेशों का प्रचार-प्रसार कर धर्म की प्रभावना करें। आचार्य श्री ने जैन पत्रकारों के हित की बात करते हुए कहा कि समाज को अपने पत्रकार बन्धुओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उनकी आर्थिक रूप से मदद करनी चाहिए। अच्छा कार्य करने वाले पत्रकारों का समय-समय पर सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। बड़े बड़े आयोजनों में से एक अंश जैन पत्रकार बन्धुओं के लिए सुरक्षित रखने का भी विचार होना चाहिए।
कार्य योजनाओं के बारे में बताया
इस कार्यक्रम में जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया, राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने महासंघ की कार्य योजनाओं, किये जा रहे कार्यक्रमों एवं संगठन के संबंध विस्तार से अवगत कराया। इस अवसर पर विद्यासागर गुरुकुलम के पीठाधीश सुरेन्द्र कीर्ति स्वामी, सत्यभूषण दिल्ली, शीतल दैनिक सवेरा टाइम्स पंजाब, जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिलीप जैन जयपुर, राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री नीरज जैन दिल्ली, उत्तरी दिल्ली संयोजक स्वदेश जैन दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली संयोजक संजय जैन, अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुनंदा जैन विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन स्वदेश जैन दिल्ली ने किया।













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