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सिद्धि रेजीडेंसी में वेदी प्रतिष्ठा 81 कलशों से शुद्धि: शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में वास्तु वलय विधान हुआ


सिद्धि रेजीडेंसी कॉलोनी के दिगंबर जैन समाज की ओर से नवनिर्मित भगवान शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में नूतन वेदी पर जिन प्रतिमा स्थापना की जा रही है। इसके तहत विविध विधान करवाए जा रहे हैं। जिन प्रतिमा स्थापना, मंदिर शिखर पर कलश तथा ध्वजादंड स्थापना के कार्यक्रम हो रहे हैं। मुनि श्री आज्ञा सागरजी महाराज, आर्यिका सुप्रज्ञाश्री माताजी संघ के सानिध्य में महोत्सव पूर्ण होगा। सागवाड़ा से पढ़िए यह खबर…


सागवाड़ा। नगर के डूंगरपुर रोड स्थित सिद्धि रेजीडेंसी आवासिय कॉलोनी के दिगंबर जैन समाज की ओर से नवनिर्मित भगवान शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में नूतन वेदी पर जिन प्रतिमा स्थापना, मंदिर शिखर पर कलश तथा ध्वजादंड स्थापना के लिए तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन मुनि श्री आज्ञा सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य तथा प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया ‘विरल’ के तत्वावधान में शनिवार को विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए। सिद्धि रेजीडेंसी जैन समाज के अध्यक्ष गिरिश शाह ने बताया कि तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को प्रातः मुनि श्री आज्ञा सागरजी महाराज, आर्यिका सुप्रज्ञाश्री माताजी संघ के सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ मूलनायक शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा, आदिनाथ भगवान, वासुपूज्य भगवान, पारसनाथ भगवान की प्रतिमाओं पर इंद्र-इंद्राणी समूह की ओर से विविध द्रव्य पूरित कलशों से अभिषेक किया गया।

वेदी की शुद्धि क्रिया कर मंगल कलश स्थापित 

सौधर्म इंद्र सतीश ममता शाह तथा डिंपल प्रफुल्ल दोसी ने मुनि श्री आज्ञासागरजी महाराज मंत्रोचारण के साथ विश्व शांति कामनार्थ शांति धारा की। मुनि श्री आज्ञा सागरजी का पाद प्रक्षालन नलिनी पवन कुमार गोवाड़िया ने किया। सिद्धि रेजीडेंसी महिला मंडल द्वारा मुनि श्री को जिनवाणी भेंट की गई। नवदेवता पूजा के बाद नवनिर्मित शांतिनाथ जिनालय मंे रेखा निलेश शाह जेठाणा ने 81 जलपूरित कलशों के साथ नूतन सफेद पाषाण से निर्मित वेदी की शुद्धि क्रिया कर मंगल कलश स्थापना की। काजल मनीष शाह विजय नगर ने मंदिर शिखर की 21 जलपूरित कलशों से शुद्धि की। साथ ही नूतन जिनालय मंे वास्तु वलय विधान तथा चारों दिशा में हवन किया गया। मध्यान्ह में इंद्र इंद्राणी समूह ने शांतिनाथ महामंडल विधान के तहत विधान मंडप पर 125 अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त अर्घ्य समर्पित किए। रात्रि मंे जिनेंद्र भगवान और मुनिश्री आज्ञा सागरजी महाराज की आरती की गई।

 रविवार के आयोजन

प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिय ने बताया कि रविवार को समापन दिवस पर प्रातः जिनेंद्र भगवान के अभिषेक शांतिधारा के बाद इंद्र इंद्राणी समूह सर्व शांति महायज्ञ के तहत हवन कुंड में आहूति देंगे। साथ ही श्रीफल पूर्णाहूति होगी। आरती, शांतिपाठ, विसर्जन, क्षमायाचना के बाद शोभायात्रा के साथ नवनिर्मित वेदी पर मूलनायकशांतिनाथ भगवान की प्रतिमा विराजित की जाएगी। साथ ही जिनालय शिखर पर कलश और ध्वजदंड स्थापना के साथ प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न होगा।

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