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जैन धर्म और संस्कार की निशुल्क शिक्षा : रात्रि पाठशाला में बच्चे सीख रहे हैं जैन धर्म के संस्कार


गणेश प्रसाद वर्णी पाठशाला में रात्रि में जैन धर्म और संस्कार की निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। इसमें करीब 250 जैन बच्चे धर्म की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पढ़िए सुबोध जैन,इंदौर की विशेष रिपोर्ट…


जबलपुर। शहर की गणेश प्रसाद वर्णी पाठशाला में रात्रि में जैन धर्म और संस्कार की निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। इसमें करीब 250 जैन बच्चे धर्म की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बच्चों को नृत्य, गायन, चित्रकला और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यह पाठशाला लॉर्डगंज इलाके के जैन मंदिर में संचालित है। इसकी स्थापना विद्वान गणेश प्रसाद वर्णी ने 50 वर्ष पहले की थी। अब इसकी कमान अमित शास्त्री संभाल रहे हैं। रात्रि में शिक्षक-शिक्षिकाएं बच्चों को जैन धर्म ग्रंथ का अध्ययन कराते हैं। पाठशाला में हर शनिवार और रविवार की शाम को कक्षाएं लगती हैं। इसमें बच्चों को नैतिक शिक्षा, खेल, कलाओं और हस्तकलाओं की शिक्षा दी जाती है। बच्चों को प्राकृत और संस्कृत भाषा में रचित धर्म ग्रंथों का अध्ययन कराया जाता है। बच्चों के अलावा 150 श्रावक-श्राविकाएं सुबह की कक्षा में आते हैं। पाठशाला का प्रबंधन करने वाली समिति ही सारा खर्च उठाती है।

गर्मी में विशेष शिविर
गर्मी की छुटि्टयों में विशेष शिविर लगाए जाते हैं, जिसमें बच्चों को नृत्य, गायन, पेंटिंग, कराटे आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है। दो माह तक चलने वाले इस शिविर में हर साल करीब 2 हजार बच्चे प्रशिक्षण लेते हैं। शिविर में भाग लेने वाले बच्चों के लिए वाहन की व्यवस्था भी की जाती है।

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