वध से खतरनाक है बदनामी, साधना में सुख साधनों में नहीं : पट्टाचार्य विशुद्धसागर जी
दिल्ली के ऋषभ विहार में धर्मसभा को संबोधित करते हुए पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज ने बदनामी को वध के समान हिंसक बताते हुए संयम, आत्मसाधना, सदाचार और परोपकार का संदेश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से चिंता छोड़कर चिंतन करने तथा प्रशंसा चाहने के बजाय प्रशंसनीय बनने का आह्वान किया। पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट।
इंदौर • Shreephal Jain News • 04-08-2026, 06:58 pm
























