जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाणोत्सव पर विशेष : मोक्ष सप्तमी के रूप में मनाया जाता है भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाणोत्सव
जैन धर्म के चौबीस तीर्थंकरों में वर्तमान अवसर्पिणी काल के तेईसवें तीर्थंकर भगवान श्री पार्श्वनाथ स्वामी हैं। भगवान पार्श्वनाथ ने घोर उपसर्गों को समतापूर्वक सहन कर आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान समय में भगवान पार्श्वनाथ के सर्वाधिक जिनबिंब एवं जिनालय देखने को मिलते हैं। जयपुर जनकपुरी से पढ़िए, पदम जैन बिलाला का यह आलेखात्मक प्रस्तुति...
जयपुर • पदम जैन बिलाला • 15-08-2026, 06:51 pm



























