Category - आलेख

आलेख श्रीफल ओरिजिनल

बाल दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधी आलेखों की विशेष शृंखला-1 : बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डालते हैं जंक फूड

बाल दिवस, जिसे "चिल्डर्न्स डे"केनाम से भी जाना जाता है, हर साल 14 नवम्बर कोमनाया जाता है। यह दिन बच्चों के अधिकारों,उनके विकास और शिक्षा के महत्व को उजागर करने...

आलेख

श्रीफल खास श्रीफल जैन न्यूज पर जानें पूजन और निर्वाण लड्डू चढ़ाने की समस्त विधि : कैसे करें पूजन, कैसे चढ़ाएं निर्वाण लड्डू

जैन समाज में दिवाली एक धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक पर्व है, जो न केवल भगवान महावीर के निर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है, बल्कि आत्म-ज्ञान और समाज सेवा का...

आलेख

श्रीफल खास मंगल कलश की स्थापना के पहले तोरणद्वार और मुख्यद्वार को सजाने की विधिः कलश स्थापना के महत्वपूर्ण कार्य के उपरांत पूजन के बारे में अद्भुत जानकारी

मंगल  कलश  के बारे में पहली श्रंखला में बहुत विस्तार से विधिपूर्वक बताया गया है। पूजन विधि के दूसरे पक्ष में बताया जा रहा है कि जब कलश स्थापित हो जाए तो इसके...

आलेख

भगवान महावीर के निर्वाण दिवस पर श्रीफल जैन न्यूज की विशेष प्रस्तुति 5 : आत्मज्ञान, मोक्ष और धार्मिक आस्था का पर्व है दीपावली- गणिनी आर्यिका स्याद्वादमती माता जी 

जैन धर्म में दीपावली का गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। इस दिन भगवान महावीर का निर्वाण हुआ था, और इसे जैन समुदाय के लिए मोक्ष और आत्मज्ञान का प्रतीक माना...

आलेख

भगवान महावीर के निर्वाण दिवस पर श्रीफल जैन न्यूज की विशेष प्रस्तुति -4 : भगवान महावीर ने दिया है स्त्री को अबला नहीं, सबला बनने का संदेश

भगवान महावीर के दिव्य संदेश में हर वर्ग के लिए ज्ञान है। प्रेरणा है। उन्होंने नारी के ब्रह्म तेज का स्मरण करवाते हुए अपना महत्वपूर्ण संदेश देकर नारी को...

आलेख

श्रीफल खास आध्यात्मिक समृद्धि का प्रतीक है कलश स्थापना : कलश स्थापना की विधि सरल, लेकिन इसे श्रद्धा और विश्वास के साथ करें

मंगल कलश की पूजा एक महत्वपूर्ण और शुभ अवसर है। इसे भक्ति और श्रद्धा से करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है। पूजन विधि का पालन करते समय ध्यान रखें...

आलेख

भगवान महावीर के निर्वाण दिवस पर श्रीफल जैन न्यूज की विशेष प्रस्तुति -1 : शुभ या कल्याण की भावना पुष्ट होती है स्वस्तिक से

भारतीय संस्कृति में जहां मंदिर में भगवान की पूजा और दर्शन का विधान है, वहीं शुभ प्रतीक चिह्नों को भी पूजा और दर्शन के लिए स्थान दिया है। इनके दर्शन और पूजन से...

आलेख

अहिंसकाहार पद्धति प्रकृति के सिद्धान्तों पर आधारित : भारतीय संस्कृति संरक्षण के लिए खान-पान शुद्धि की आवश्यकता

भारतीय संस्कृति में शुद्ध खान-पान का विशेष महत्व रहा है। जैन संस्कृति में अहिंसा का विशेष महत्व है। अहिंसा सिद्धान्त के सम्बन्ध में हमारे तीर्थंकरों, आचायों ने...

आलेख

शरद पूर्णिमा चंद्रमा की चांदनी में जाप का महत्व : देवी सरस्वती होती हैं प्रसन्न, होती है प्रखर बुद्धि 

शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की चांदनी में जाप करने से देवी सरस्वती प्रसन्न होती हैं और बुद्धि प्रखर होती है। इस विशेष रात को कौन सा जाप करना चाहिए, यह जानना...

आलेख

दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के बारे में : इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण ही ब्रह्मचर्य धर्म- मुनि पूज्य सागर महाराज

उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का तात्पर्य है संयम और आत्म-नियंत्रण के उच्चतम स्तर को प्राप्त करना। यह न केवल शारीरिक संयम को दर्शाता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संयम...

You cannot copy content of this page