तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फार्मेसी और इंस्टिट्यूशन्स इन्नोवेशन काउंसिल के तत्वावधान में भविष्य के फार्मास्युटिकल प्रोफेशनल्स में एम्प्लॉयबिलिटी उन्नयन और इन्नोवेशन पर गेस्ट लेक्चर में वीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स, भोपाल के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट हेड प्रो. अनिरुद्ध पारे ने फार्मास्युटिकल उद्योग में रोजगार कौशल, नवाचार एवम् उद्यमिता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर…
मुरादाबाद। वीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स, भोपाल के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट हेड प्रो. अनिरुद्ध पारे ने फार्मास्युटिकल उद्योग में रोजगार कौशल, नवाचार एवं उद्यमिता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए शैक्षणिक ज्ञान और औद्योगिक अपेक्षाओं के बीच अंतर को कम करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। प्रो. पारे ने एलओका-ए-अवेयरनेस, एल-लर्निंग, ओ-ऑब्जरवेशन, सी-कम्युनिकेशन और ए-एडैप्टेबिलिटी फ्रेमवर्क पर चर्चा रही।
इसमें अवेयरनेस के तहत उद्योग की वर्तमान प्रवृत्तियों की समझ, लर्निंग के अंतर्गत सतत कौशल उन्नयन, ऑब्जर्वेशन के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान अर्जन, कम्युनिकेशन के जरिए प्रभावी संवाद और एडैप्टेबिलिटी के जरिए बदलते औद्योगिक परिवेश के अनुरूप स्वयं को ढालने पर बल दिया गया। प्रो. पारे तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ फार्मेसी और इंस्टिट्यूशन्स इन्नोवेशन काउंसिल के तत्वावधान में भविष्य के फार्मास्युटिकल प्रोफेशनल्स में एम्प्लॉयबिलिटी उन्नयन और इन्नोवेशन को बढ़ावा देना पर आयोजित गेस्ट लेक्चर में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
इस मौके पर मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। लेक्चर का उद्देश्य फार्मेसी छात्रों में नवाचार आधारित सीखने और करियर तत्परता को बढ़ावा देना रहा। गेस्ट लेक्चर के दौरान फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आशु मित्तल, उप प्राचार्य प्रो मयूर पोरवाल, रिसर्च कोऑर्डिनेटर प्रो. फूल चन्द्र, आईआईसी कोऑर्डिनेटर डॉ.आशीष सिंघई आदि के साथ फार्मेसी के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।













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